दिग्गजों ने ‘अपनों’ को बनवा दिया जिलाध्यक्ष
भोपाल । मप्र भाजपा के जिलाध्यक्षों की सूची का लंबा इंतजार आज खत्म हो सकता है। जानकारी के मुताबिक सूची फाइनल हो चुकी है और किसी भी समय इस सूची का एलान किया जा सकता है। पहले ये सूची 5 जनवरी को जारी होनी थी, लेकिन कई जिलों में एक नाम पर सहमति ना बन पाने की वजह से गतिरोध इतना बढ़ा कि ये पूरा मामला केन्द्रीय नेतृत्व तक पहुंचा। अब भाजपा सूत्रों का कहना है प्रदेश के 62 जिलों की सूची फाइनल हो गई है और दिग्गजों ने पार्टी गाइडलाइन को दरकिनार कर अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनवा दिया है।गौरतलब है कि पार्टी ने हर जिले में जिलाध्यक्ष के चुनाव से पहले आम सहमति बनाने के लिए जो रायशुमारी कराई गई थी, उससे हटकर भी नामों को फाइनल किया गया है। भाजपा संगठन चुनाव के दूसरे चरण में पार्टी हाईकमान ने प्रदेश के 62 जिलों के अध्यक्षों का नाम फाइनल कर लिया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, आज राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष की हरी झंडी के बाद सूची जारी की जा सकती है। पिछले एक सप्ताह से जिलाध्यक्षों के चुनाव को लेकर चल रही माथापच्ची के बाद जिन नामों पर सहमति बनी है, उनमें से कई रायशुमारी में आए पैनल से बाहर के हैं। सूत्रों के अनुसार, संगठन की गाइडलाइन को भी ठेंगा दिखाकर दिग्गज नेता अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनवा पाने में सफल रहे हैं। पार्टी ने कार्यकर्ताओं की नाराजगी की आशंका के चलते ही डैमेज कंट्रोल का प्लान पहले तैयार कर लिया है।
किसी भी समय हो सकता है ऐलान
लंबे समय से अटकी भाजपा जिलाध्यक्षों की सूची आज जारी हो सकती है। दिल्ली में राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश भाजपा प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह से मंथन के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया है। जानकारी के मुताबिक धार और सागर में दो ग्रामीण जिले बढ़ाने के साथ अब भाजपा में 62 जिले हैं। जिन पर जानकारी के मुताबिक एक साथ ये सूची जारी होगी। जिलों की रायशुमारी से लेकर एक-एक नाम पर दिल्ली तक मंथन हुआ है। वहीं इस बार जिलाध्यक्षों के रिपीट होने की संभावना नहीं है। पहले खास तौर पर भोपाल और इंदौर के जिलाध्यक्ष को रिपीट किए जाने को लेकर दबाव था। इंदौर जिलाध्यक्ष गौरव रणदिवे और भोपाल जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी को युवा होने की वजह से रिपीट किए जाने का दबाव था, लेकिन पार्टी किसी भी जिलाध्यक्ष को रिपीट किए जाने पर विचार नहीं कर रही, बल्कि माना जा रहा है कि इस बार बड़ी तादात में महिलाओं को जिलाध्यक्ष के पद पर मौका दिया जाएगा।
कहां अटक गई थी सूची
असल में ये पहली बार है कि भाजपा जिला अध्यक्ष की सूची के ऐलान में इतना लंबा समय लगा। वजह ये थी कि कई जिलों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाए जाने का दबाव था। कई जिलों में चूंकि कद्दावर नेताओं की तादात ज्यादा थी, इसलिए एक नाम पर आम सहमति बनना कठिन हो रहा था। वैसे भाजपा के संगठनात्मक जिले 60 हैं, लेकिन इस बार सागर और धार में शहरी और ग्रामीण दो हिस्से कर दिए जाने के बाद अब 62 जिलों पर एक साथ जिलाध्यक्षों की सूची का एलान होगा। भाजपा संगठनात्मक रूप से चार प्रमुख जिले भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर बड़े जिले होने की वजह से इन्हें शहरी और ग्रामीण दो हिस्सों में बांटा गया है। जिलाध्यक्षों की घोषणा से ठीक पहले एमपी भाजपा की एक बड़ी वर्चुअल मीटिंग हुई। इस बैठक में भाजपा के सभी वर्तमान जिला अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी, विधायक सांसद वर्चुअल जुड़े। वर्चुअल मीटिंग में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री ने कहा कि जिला अध्यक्षों को लेकर पूरी प्रक्रिया हो चुकी है। जिला अध्यक्षों के निर्वाचन की घोषणा भी जल्द होगी। लेकिन इस बात का सभी को ध्यान रखना चाहिए कि पार्टी का कार्यालय हमारी आस्था का मंदिर है। नए जिला अध्यक्ष की घोषणा के बाद उनका स्वागत कार्यालय में ही हो। किसी नेता के घर जाकर स्वागत सत्कार और आभार के प्रदर्शन के बजाय निवर्तमान अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए नए अध्यक्ष का सभी कार्यकर्ता स्वागत करें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा- मप्र का संगठन देश में अग्रणी रहा है। संगठन पर्व में भी मप्र भाजपा के कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह से भाग लिया है। बूथ समितियों से लेकर मंडल के संगठन पर्व और अब जिला संगठन पर्व (जिला अध्यक्ष का चुनाव) में भी सबने उत्साह से भाग लिया है। वीडी शर्मा ने कहा आप सभी ने संगठन के हर कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया है। इसी आधार पर मप्र भाजपा का संगठन देश में एक आदर्श संगठन के रूप में जाना जाता है।
प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का रास्ता साफ
माना जा रहा है कि अब प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के प्रवास के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश भाजपा के 62 जिलों के अध्यक्ष पर केंद्रीय नेतृत्व ने सहमति बना ली। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री ने प्रदेश के कई नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत की लेकिन अंत में दिग्गजों की जिद ही सफल रही। सभी अंचलों में दिग्गज अपने-अपने समर्थकों को बिठाने में सफल रहे।
संसद में विपक्ष का हंगामा, कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
अमिताभ बच्चन ने अफवाहों का किया खंडन, बोले- ICU ब्लॉग का गलत मतलब निकाला गया
3 अगस्त से विधानमंडल सत्र का आगाज, संभल हिंसा रिपोर्ट पर विपक्ष के तेवर तेज होने के आसार
वाराणसी-मुंबई सुपरफास्ट को निशाना बनाने की कोशिश, इमरजेंसी ब्रेक से बची सैकड़ों यात्रियों की जान
ट्रंप के नए टैरिफ प्लान से दवा उद्योग चिंतित, भारतीय कंपनियों पर पड़ सकता है बड़ा असर
अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके से 10 की मौत, गुजरात में मचा हड़कंप
विश्व कप की तैयारियों के बीच अफगानिस्तान ने बदला कप्तान, शाहिदी ने छोड़ी जिम्मेदारी
'सिर्फ गुस्सा नहीं, ठोस कदम जरूरी', शिक्षा मंत्री ने राहुल पर साधा निशाना
निशातपुरा स्टेशन तैयार, 26 जुलाई से तीन ट्रेनों के साथ शुरू होगी नई यात्रा
NEET मुद्दे पर सरकार का बड़ा ऐलान, संसद में चर्चा के लिए तैयार; पीएम का सख्त संदेश