नई दिल्ली। मंगलवार सुबह शेयर बाजार के खुलते ही अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में शानदार उछाल दर्ज किया गया। इसकी मुख्य वजह यह है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से वापस ले लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग के इस बड़े फैसले के साथ ही न्यूयॉर्क की अदालत में चल रहा हाई-प्रोफाइल सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड का मामला पूरी तरह समाप्त हो गया है। अमेरिकी सरकारी वकीलों (प्रॉसिक्यूटर्स) का मानना है कि गौतम अदाणी और सागर अदाणी पर लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं।

क्लीन चिट मिलते ही शेयर बाजार में अदाणी कंपनियों का दबदबा

अमेरिका से मिली इस बड़ी राहत की खबर आते ही भारतीय शेयर बाजार में अदाणी ग्रुप के शेयरों में 3% तक की तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में 'अदाणी ग्रीन एनर्जी' का शेयर 3 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,410.10 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी 'अदाणी एंटरप्राइजेज' नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 2.26 प्रतिशत चढ़कर 2,750.60 रुपये पर कारोबार कर रही थी। इसके अलावा 'अदाणी टोटल गैस' में 2.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ भाव 622.65 रुपये और 'अदाणी पावर' में मामूली तेजी के साथ 219.90 रुपये पर ट्रेंड देखा गया। 'अडानी पोर्ट्स' भी हरी बत्ती के साथ 1,792.30 रुपये पर कारोबार करता नजर आया।

6 करोड़ डॉलर के भुगतान के साथ सुलझा सोलर प्रोजेक्ट विवाद

आपराधिक मामले हटने से पहले पिछले कुछ दिनों में अदाणी समूह से जुड़े अमेरिका के कई अन्य बड़े कानूनी और रेगुलेटरी मामले भी खत्म हो चुके हैं। पिछले सप्ताह ही, यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ($SEC$) ने भारत में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स से जुड़े निवेशकों को गलत जानकारी देने (इन्वेस्टर डिस्क्लोज़र) के सिविल आरोपों का निपटारा किया था। कोर्ट के दस्तावेजों के अनुसार, इस मामले को रफा-दफा करने के लिए गौतम अदाणी ने 6 करोड़ डॉलर और सागर अदाणी ने 1.2 करोड़ डॉलर की राशि देने पर रजामंदी जताई थी। हालांकि, दोनों ने इन आरोपों को न तो स्वीकार किया है और न ही इनसे इनकार किया है।

ईरान प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला भी हुआ रफा-दफा

इसी सिलसिले में 'ऑफिस ऑफ फॉरेन असेट्स कंट्रोल' ($OFAC$) ने भी उस जांच को बंद कर दिया है, जिसमें आरोप था कि अदाणी ग्रुप ने एलपीजी ($LPG$) के आयात के जरिए ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन किया था। इस मामले के शांतिपूर्ण निपटारे के लिए अदाणी ग्रुप ने 27.5 करोड़ डॉलर का हर्जाना देने की बात मानी। बताया जा रहा है कि ग्रुप ने इस पूरी जांच के दौरान अमेरिकी अधिकारियों को खुद सारी जानकारियां देकर पूरा सहयोग किया था।

अदाणी समूह के लिए राहत भरा हफ्ता, कानूनी संकटों से मिली मुक्ति

ताजा घटनाक्रम के तहत न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी कार्यालय के संघीय अभियोजकों द्वारा सभी आपराधिक आरोपों को पूरी तरह ड्रॉप (खारिज) कर दिए जाने के बाद, अब अदाणी परिवार और उनके बिजनेस साम्राज्य पर मंडरा रहे सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनी संकट खत्म हो गए हैं। कॉरपोरेट जगत और निवेशकों ने इस फैसले का स्वागत किया है, जिसका सीधा असर आज सुबह से बाजार के सकारात्मक रुख में दिखाई दे रहा है।