किन्नर अखाड़े में इसलिए होती है रात को पूजा
महाकुंभ में किन्नर अखाड़े की पूजा सबके आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, क्योंकि इनकी जीवनशैली सबसे अलग है किन्नर अखाड़े में किसी को दीक्षा दिलाई जाती है, तो उससे जुड़े पूजा-अनुष्ठान आधी रात को ही किए जाते हैं, क्योंकि इसके पीछे एक खास वजह है। दरअसल, तंत्र विधान के मुताबिक, महाकुंभ हो या कुंभ, हमेशा आधी रात को ही अघोरी पूजा होती है। इसमें डमरू की गूंज के साथ ही मंत्रोच्चारण किया जाता है। यह पूजा किन्नर अखाड़े की तांत्रिक परंपराओं का एक अहम हिस्सा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एक बड़े हवन कुंड के चारों ओर मानव खोपड़ियां, दीपों को रोशनी, तेज आवाज में गूंजते डमरू और मंत्रोच्चारण इस दृश्य को और भी रहस्यमय और आध्यात्मिक बनाती हैं। यह साधना तंत्र विद्या, आध्यात्मिक शक्ति और आस्था का अद्वितीय संगम है।
इसके अलावा ये भी माना जाता है कि महाकुंभ के दौरान सभी देवी-देवता धरती लोक पर आते हैं। ऐसे में इस दौरान इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। साथ ही रात्रि का समय तंत्र साधना के लिए भी सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है। यही कारण है कि किन्नर अखाड़े में आधी रात को ही पूजा होती है।
पायलट एवं फॉलो गाड़ियों का उपयोग बंद कर दिया सादगी
गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रदेश को देश में सभी क्षेत्रों में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जापान में 6.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप, धरती कांपी
Kalyan Banerjee को चीफ व्हिप बनाने पर टीएमसी में घमासान
Vijay Mishra को कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
केन-बेतवा लिंक परियोजना: धोड़न में आग, एक आदिवासी युवक की मौत
राहुल गांधी के पास न नैरेटिव है, न ठोस विचारधारा: वल्लभ
प्रशासन की 21 टीमों ने एक साथ गैस एजेंसियों पर की छापेमारी