‘कार्ड दिखाओ, सिलिंडर पाओ’ योजना: शादी में नई व्यवस्था लागू
बरेली | लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) संकट के बीच वैवाहिक आयोजनों की चिंता से निजात पाने के लिए बरेली जिला प्रशासन ने विशेष व्यवस्था लागू की है। आयोजकों को सिलिंडर के लिए जिलाधिकारी या पूर्ति कार्यालय में विवाह के कार्ड के साथ प्रार्थनापत्र देना होगा। कितने सिलिंडर दिए जाएंगे ये अफसर तय करेंगे।पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से कच्चे तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने से एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। 15 अप्रैल से सहालग शुरू हो रहे हैं। इधर आयोजकों को आतिथ्य के साथ ही केटरर्स और मैरिज हॉल संचालक को कारोबार की चिंता सता रही है।बताते हैं कि पूर्व में हुई बुकिंग निरस्त कराने के लिए आयोजक संपर्क करने लगे हैं, लेकिन कारोबारी सांत्वना दे रहे हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सिलिंडर वितरण को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है, ताकि वैवाहिक आयोजनों को लेकर लोग निश्चिंत रहें। हालांकि, यह सिलिंडर सशर्त ही उपलब्ध होंगे |
आवेदन और आपूर्ति की प्रक्रिया ये रहेगी
विभागीय जानकारी के अनुसार प्रार्थनापत्र में मेहमानों की संख्या और अनुमानित सिलिंडरों की जरूरत का स्पष्ट विवरण और आयोजन की तिथि भी स्पष्ट बतानी होगी। कार्ड संलग्न करना होगा। विचार के बाद पूर्ति विभाग कितने कॉमर्शियल सिलिंडर जारी होंगे, इस संख्या के साथ संबंधित गैस एजेंसी के नाम पत्र जारी करेगा। फिर एजेंसी, पेट्रोलियम कंपनी को मांगपत्र देगी। कंपनी से निर्धारित संख्या में सिलिंडर मिलेंगे। अस्थायी कनेक्शन देकर आयोजक से सिलिंडर की कीमत और सिक्योरिटी मनी के 4500 रुपये लेकर सिलिंडर दे दिए जाएंगे। सिलिंडर के दाम घटने और बढ़ने पर इसमें बदलाव भी हो सकता है।
सिलिंडर न लौटाए तो जब्त होगी सिक्योरिटी मनी
आयोजन के बाद सभी खाली सिलिंडर एजेंसी को वापस करने होंगे। तब उनकी जमा की गई सिक्योरिटी मनी 2400 रुपये वापस कर दी जाएगी और अस्थायी कनेक्शन भी रद्द कर दिया जाएगा। अगर किन्हीं वजहों से आयोजक एक या दो सिलिंडर वापस नहीं करेंगे तो सिक्योरिटी मनी भी वापस नहीं होगी। इसलिए आयोजकों से सहयोग की अपील की गई है।
अनियंत्रित मांग और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम
इस व्यवस्था से अनावश्यक खपत पर रोक लगेगी और जरूरतमंदों को समय पर गैस उपलब्ध हो सकेगी। दूसरी ओर सिलिंडरों की कालाबाजारी और ओवर रेटिंग पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा। घरेलू उपभोक्ताओं पर दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे नियमित आपूर्ति बहाल करने में मदद मिलेगी।जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि वैवाहिक आयोजन प्रभावित न हो इसलिए नई व्यवस्था से आयोजकों को समव पर गैस उपलब्ध कराएंगे। आयोजकों को समय रहते आवेदन करना जरूरी है ताकि शादी-ब्याह के सीजन में किसी तरह की परेशानी न हो। इस प्रक्रिया में सप्ताहभर का समय लग सकता है। पूर्व में प्राप्त प्रार्थनापत्र पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
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