परमाणु ऊर्जा रेलवे के लिए व्यवहार्य और व्यावहारिक समाधान प्रदान करती है
केंद्रीय मंत्री ने कहा- देश भविष्य की नई अर्थव्यवस्था के लिए तैयार
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि छोटे और मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर एआई-आधारित अर्थव्यवस्था और रेलवे के लिए डेटा केंद्रों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवहार्य और व्यावहारिक समाधान प्रदान करते हैं। रेल मंत्री ने कहा कि भारत में बदलाव के लिए परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन और विकास विधेयक के पारित होने से देश भविष्य की नई अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वैष्णव ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि जैसे-जैसे दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपना रही है, डेटा केंद्र एआई-आधारित अर्थव्यवस्था को शक्ति प्रदान करेंगे। इन डेटा केंद्रों को भारी मात्रा में ऊर्जा की जरुरत होगी, जो केवल परमाणु ऊर्जा से ही प्राप्त की जा सकती है। मंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा ही एकमात्र ऐसा स्रोत है जो बिना किसी प्रदूषण के सतत आधार भार और भारी विद्युत धारा प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि नए डिजाइन से कंटेनर में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना संभव हो जाता है, जिसे 14 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जा सकता है।
वैष्णव ने कहा कि जहाजों को बिजली देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 15-30 मेगावाट क्षमता वाले परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का इस्तेमाल रेलवे परिचालन के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रेलवे देश भर में 700 स्थानों पर ग्रिड से बिजली लेता है। छोटे और मॉड्यूलर रिएक्टरों को भी बिजली के एक स्थायी स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में कई अंतर्निहित सुरक्षा विशेषताएं हैं जो उनके बड़े पैमाने पर उपयोग को संभव बनाती हैं। वैष्णव ने कहा कि शांति विधेयक इसलिए पारित किया गया ताकि परमाणु ऊर्जा स्वच्छ ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत बन सके। निजी क्षेत्र की कंपनियों को परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की अनुमति देने वाला शांति विधेयक पिछले महीने शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था। राष्ट्रपति ने शांति अधिनियम को अपनी मंजूरी दे दी है।
राशिफल 25 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
तेंदूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की ओर छत्तीसगढ़
सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधानः सौर सुजला योजना का सोलर पंप चालू होने से लौटी किसान के खेतों की रौनक
तकनीक, समन्वय और प्रशिक्षित पुलिस बल के दम पर होगा सुरक्षित एवं व्यवस्थित सिंहस्थ-2028 - डीजीपी कैलाश मकवाणा
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से होमेश्वर प्रसाद जायसवाल को मिली राहत, शून्य हुआ बिजली बिल
बिलासपुर संभागायुक्त ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण
युवाओं के लिए मध्यप्रदेश के 4 महानगरों में प्रारंभ होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: सृष्टि को घर के बिजली बिल में मिली बड़ी राहत
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: सीसी रोड बनने से ग्रामीणों को मिली राहत
गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही से पूर्ण हों सभी सेतु निर्माण परियोजनाएं : लोक निर्माण मंत्री सिंह