न्यूजीलैंड पर पारी की हार का खतरा मंडराया
गॉल । श्रीलंका के खिलाफ यहां खेले जा रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच में भी मेहमान टीम न्यूजीलैंड पर हार का खतरा मंडरा रहा है। इसका कारण है कि श्रीलंका ने इस मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ 500 रन से ज्यादा की बढ़त हासिल कर ली है। मैच के तीसरे दिन दूसरी पारी में न्यूजीलैंड की टीम ने अपने पांच विकेट 199 रनों पर ही खो दिये। इससे अब फॉलोआन खेलने उतरे न्यूजीलैंड को पारी की हार टालने के लिए अब भी 315 रनों की जरुरत है। तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर टॉम ब्लंडेल ने 47 जबकि ग्लेन फिलिप्स ने 32 रन बनाये थे। दोनों ने ही छठे विकेट के लिए 78 रन बनाये हैं।. न्यूजीलैंड ने सुबह पहली पारी में दो विकेट पर 22 रन बनाये थे और सुबह के पहले सत्र में ही बचे हुए आठों विकेट खो दिये। इससे उसकी टीम 88 रन ही बना पायी। श्रीलंका के लिए पहली पारी में प्रबाथ जयसूर्या ने 42 रन देकर छह विकेट लिए जबकि पेइरिस ने 33 रन पर तीन विकेट लिए। कीवी टीम पहली पारी के आधार पर 514 रन से पीछे थी। इस प्रकार उसे फॉलोआन खेलना पड़ा।
न्यूजीलैंड की दूसरी पारी की शुरुआत भी खराब रही और सलामी बल्लेबाज टॉम लैथम खाता भी नहीं खोल पाये। वहीं उनके जोड़ीदार डेवोन कॉनवे 61 और कप्तान केन विलियमसन भी 46 रन ही बना पाये। धनंजय डिसिल्वा ने कॉनवे को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा। पेइरिस ने इसके बाद विलियमसन और रचिन रविंद्र को आउट करके न्यूजीलैंड की उम्मीदें तोड़ी दी। इस प्रकार टीम ने अपनी पांच बड़े विकेट 121 रनों के अंदर ही खो दिये। . ब्लंडेल और फिलिप्स ने हालांकि इसके बाद टीम को संभालने का प्रयास किया।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (18 फ़रवरी 2026)
योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक :रूपनारायण सिन्हा
सरगुजा जिले में पीएम आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा
श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन
मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी
बड़वानी जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के लिये कृषि उन्नयन संवाद का हुआ आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ
हरदा के डायल-112 हीरोज: सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियमों पर मंथन