मैक्रों ने नहीं मानी बात, ट्रंप ने वाइन-शैंपेन पर 200 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी
लंदन,। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में फ्रांस की वाइन और शैंपेन पर 200 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। यह धमकी तब सामने आई जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों गाजा को लेकर बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने से इनकार कर दिया। हालांकि, इससे पहले भी मार्च 2025 में डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस और यूरोपीय संघ के अन्य देशों से आने वाली वाइन, शैम्पेन और दूसरी शराब पर 200 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। उस समय ट्रंप ने दावा किया था कि यूरोपीय संघ दुनिया की सबसे मनमानी टैक्स और टैरिफ लगाने वाली संस्थाओं में से एक है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस का अल्कोहलिक ड्रिंक्स मार्केट करीब 69 बिलियन डॉलर का है और 2032 तक यह 73 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। 2025 में बिक्री की मात्रा घटी, लेकिन महंगाई और कीमत बढ़ने से इसकी वैल्यू बढ़ी। हालांकि, एक नया ट्रेंड सामने आया है जिसके मुताबिक अब लोग ज्यादा मात्रा की बजाय अच्छी क्वालिटी की शराब पीना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। पेरिस ओलंपिक और बढ़ते पर्यटन से होटल, बार और रेस्टोरेंट में भी बिक्री को बढ़ावा मिला है। साथ ही सुपरमार्केट, दुकानों का दबदबा है, कुल बिक्री का करीब 70फीसदी यहीं से होता है। बार, क्लब, रेस्टोरेंट की बिक्री भी धीरे-धीरे बढ़ रही है, साथ ही लोग अब छोटे पैक और सस्ती शराब ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक नो और लो-अल्कोहल ड्रिंक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। साथ ही सबसे ज्यादा वाइन की मांग बढ़ी है। 45 फीसदी मांग वाइन की ही है। महंगी शैम्पेन और कॉन्यैक की बिक्री घटी, लेकिन सस्ती वाइन और बैग-इन-बॉक्स पैक लोकप्रिय हुए। फ्रांस के अल्कोहल बाजार में बड़े खिलाड़ी हैं। बता दें फ्रांस की शराब सैकड़ों साल पुरानी परंपरा से बनती है। यहां शराब सिर्फ ड्रिंक नहीं, बल्कि कला मानी जाती है। अंगूर कहां उगे, मिट्टी कैसी है, मौसम क्या है- सब कुछ स्वाद तय करता है। इसे टेरॉईर कहा जाता है, जो फ्रांस की सबसे बड़ी पहचान है।
बता दें फ्रेंच शराब को दुनिया में लग्जरी प्रोडक्ट माना जाता है। अमेरिकी और यूरोपीय अमीर वर्ग में फ्रेंच शराब स्टेटस सिंबल है। यही वजह है कि इनकी कीमत और मुनाफा बहुत ज्यादा होता है। फ्रांस में शराब बनाने के सख्त कानून हैं। कौन-सा अंगूर, किस इलाके में, कैसे उगेगा सब तय है। अमेरिका समेत कई देश वैसी क्वालिटी बनाना चाहते हैं, लेकिन वही स्वाद और पहचान नहीं बना पाते हैं। अमेरिका फ्रेंच शराब का सबसे बड़ा खरीदार है, साथ ही अमेरिका बड़ी तादाद में फ्रांस से वाइन भी खरीदता है।
शिक्षा पर सरकारी खर्च का रिपोर्ट कार्ड, मोदी सरकार के 12 साल के आंकड़े क्या कहते हैं?
ट्रेन लेट हुई तो यात्रियों का फूटा गुस्सा, झाबुआ में रेलवे ट्रैक पर दिया धरना
हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य का PM मोदी से आग्रह, बोले- युवाओं से सीधे जुड़ें
छात्रों के समर्थन में बॉलीवुड, आर. माधवन और आलिया भट्ट समेत कई सितारों ने रखी अपनी बात
ICC का बड़ा ऐलान, अगले साल इस मैदान पर खेला जाएगा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल
भारत ने श्रीलंका को नहीं दिया कोई मौका, यूथ टेस्ट सीरीज 211 रन की जीत के साथ समाप्त
NSA कार्रवाई पर ओवैसी ने सरकार को घेरा, कहा- क्या विरोध करना अब अपराध है?
सरकार का बड़ा दावा, CJP आंदोलन पर 24 घंटे में चार बार बातचीत की पेशकश
पेपर लीक मामले में कांग्रेस आक्रामक, मोदी सरकार पर जवाबदेही से भागने का आरोप