औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं गुड़हल के फूल
नई दिल्ली। लाल और गुलाबी रंग के गुड़हल के फूल देखने में जितने सुंदर होते हैं, उतने ही यह औषधीय गुणों से भरपूर भी होते हैं। गुड़हल का पौधा सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत पर पड़ने वाले इसके फायदों के लिए भी जाना जाता है।
इसे जवाकुसुम या जासुन के फूल के नाम से भी पहचाना जाता है। आयुर्वेद में इसे सेहत के लिए अमृत समान बताया गया है, जो कई बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गुड़हल का नियमित सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसमें आयरन, फाइबर, विटामिन सी, मैग्नीशियम, एंटी-एजिंग तत्व और कई एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को डिटॉक्स करने और कोशिकाओं की मरम्मत में भी सहायक होता है। इसके सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है और कई गंभीर बीमारियों से बचाव होता है।
गुड़हल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह एनीमिया को दूर करने में मदद करता है। शरीर में खून की कमी को पूरा करने के लिए इसके फूलों का रस पीना लाभकारी माना जाता है। यह हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, वजन घटाने और सर्दी-जुकाम से राहत दिलाने में भी कारगर है। शोधों के अनुसार, गुड़हल की चाय का सेवन करने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर से अतिरिक्त चर्बी कम होती है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है। बालों की समस्याओं के लिए भी यह फूल रामबाण साबित होता है। इसके फूलों से बना तेल बालों की जड़ों को पोषण देता है और उन्हें प्राकृतिक चमक प्रदान करता है।
इसके अलावा, अगर शरीर में आयरन की कमी है, तो गुड़हल की कलियों को पीसकर उनके रस का सेवन करने से फायदा होता है। यह शरीर में खून की गुणवत्ता को सुधारता है और थकान व कमजोरी को दूर करता है। गुड़हल के फूलों को एंटी-एजिंग उपाय के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका सेवन त्वचा में कोलेजन का स्तर बनाए रखता है, जिससे त्वचा में निखार बना रहता है और झुर्रियों की समस्या कम होती है। फ्री रेडिकल्स से बचाव कर यह त्वचा को लंबे समय तक जवान बनाए रखने में सहायक होता है। बालों के झड़ने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए गुड़हल का सेवन और इसका तेल बेहद लाभदायक माना जाता है।
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