संविदा कर्मचारियों की सरकार से नाराजी बढी
भोपाल । संविदा कर्मचारियों के पे ग्रेड को कम करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। 1 साल के अंदर 8000 से अधिक संविदा कर्मचारियों के मामले हाई कोर्ट में लंबित है।हाईकोर्ट द्वारा स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन एसीएस सहित पांच अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी करने के बाद मामला हरकत में आया है।
सीपीआई इंडेक्स के आधार पर वेतन देने एवं अन्य मांग को लेकर यह हड़कंप मचा हुआ है। विभागों द्वारा शासन के निर्णय को अपने-अपने तरीके से क्रियान्वय किए जाने के कारण विसंगतियां उत्पन्न हुई हैं। संविदा कर्मचारियों का कहना है, कि 2018 से लेकर पिछले साल तक के 6 साल में सरकार ने दो बार नीतियां बनाई। विभागों ने उसे पर अमल ही नहीं किया। पिछले साल सरकार ने नौ घोषणाएं की थी। उसमें से केवल एक घोषणा का ही पालन किया गया है। एक बार फिर संविदा कर्मचारी समान वेतन देने,अनुकंपा नियुक्ति, ग्रेजुएट,अवकाश, स्वास्थ्य बीमा, सीपीआई इंडेक्स के आधार पर वेतन देने की मांग पर आंदोलित हैं।
देश के प्रत्येक व्यक्ति को जनजातीय इतिहास को जानना चाहिए: चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत
27 दिनों तक चिकित्सकों की देखभाल से नन्हीं जान को मिला नया जीवन
नवाचार और तकनीक से मध्यप्रदेश को बनाया जायेगा अग्रणी कृषि राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
"मन की बात" देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक प्रभावी प्लेटफार्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चौहान से मुलाकात कर जाना स्वास्थ्य का हाल
प्रदेश में विकास को बनाया गया है राष्ट्रनिर्माण का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को दिया जाएगा उद्योग का दर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
नासा ने टाल दिया अपना मून मिशन, अब मार्च में नहीं होगी लॉन्चिंग, जानिए क्या है वजह ?
अब सिर्फ 55 मिनट में पहुंचेंगे दिल्ली, PM मोदी ने मेरठ मेट्रो और नमो भारत को दिखाई हरी झंडी