अन्तर्राष्ट्रीय मदद में कटौती से वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली हो रही कमजोर
जिनीवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि अन्तरराष्ट्रीय सहायता में हुई कटौती और वित्तीय समर्थन की निरन्तर क़िल्लत से वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली कमजोर हो रही है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि यह स्थिति और भी गम्भीर है, क्योंकि महामारी, दवाओं के प्रति प्रतिरोधी संक्रमण और स्वास्थ्य सेवाओं के नाजुक होने का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टर टैड्रॉस ने बैठक को सम्बोधित करते हुए बताया कि बीते साल वित्तीय सहायता में भारी कटौती के कारण, स्वास्थ्य संगठन को अपने कार्यबल में कमी करनी पड़ी, जिसके गम्भीर और दूरगामी प्रभाव हुए हैं। यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने आगाह किया है कि द्विपक्षीय सहायता में अचानक, बड़े पैमाने पर हुई कटौती ने, अनेक देशों में स्वास्थ्य प्रणालियों और सेवाओं के सामने चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। डॉक्टर टैड्रॉस ने वर्ष 2025 को विश्व स्वास्थ्य संगठन के इतिहास में “सबसे कठिन वर्षों में से एक” करार दिया। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ का जीवनरक्षक कार्य जारी है, लेकिन वित्तीय संकट ने वैश्विक स्वास्थ्य संचालन में मौजूदा कमज़ोरियों को उजागर किया है, विशेष रूप से उन निम्न और मध्यम आय वाले देशों में, जो आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
रिपोर्ट में डॉक्टर टैड्रॉस के मुताबिक डब्ल्यूएचओ में वित्तीय संकट अन्तरराष्ट्रीय स्वास्थ्य के लिए वित्तीय समर्थन में व्यापक कमी का हिस्सा है, जिससे देशों को कठिन निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय कटौतियों की प्रतिक्रिया में डब्ल्यूएचओ, अनेक देशों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने और सहायता पर निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में सहयोग दे रहा है। इसके लिए तम्बाकू, शराब और शुगरयुक्त पेय पदार्थों पर स्वास्थ्य ‘कर’ बढ़ाने समेत घरेलू संसाधन जुटाने पर जोर दिया जा रहा है। यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक आज भी 4.6 अरब लोग आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच से वंचित हैं, जबकि 2.1 अरब लोग स्वास्थ्य पर होने वाले ख़र्चों के कारण वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसके साथ ही दुनिया भर में, 2030 तक 1.1 करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों की कमी का भी अनुमान है, जिसमें से आधी से अधिक संख्या केवल नर्स की हैं।
इन सुधारों के परिणामस्वरूप डब्ल्यूएचओ ने वर्ष 2026-27 में अपने मूल बजट के लिए आवश्यक संसाधनों का करीब 85 फीसदी जुटा लिया है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि शेष वित्त पोषण जुटाना मुश्किल होगा, ख़ासकर वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों को देखते हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि आपात तैयारी, दवाओं के प्रति प्रतिरोध और जलवायु परिवर्तन के प्रति सुदृढ़ता जैसे क्षेत्रों में गम्भीर कमी बनी हुई है, जिससे ये प्राथमिकताएं जोखिम में हैं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
डॉक्टर टैड्रॉस ने चेतावनी दी कि विश्व भर में हर 6 में से 1 बैक्टीरियल संक्रमण अब एंटीबायोटिक्स के प्रति प्रतिरोधी हो गया है, और यह प्रवृत्ति कुछ क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी ने हमें अनेक सबक सिखाए…ख़ासकर यह कि वैश्विक ख़तरे से निपटने के लिए वैश्विक प्रतिक्रिया की जरुरत होती है। एकता ही सबसे अच्छी सुरक्षा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वित्तीय संसाधन पूर्वानुमानित और पर्याप्त नहीं रहे, तो दुनिया अगले स्वास्थ्य संकट के लिए कम तैयार हो सकती है। यह आपका डब्ल्यूएचओ है। इसकी शक्ति आपकी एकता में है। इसका भविष्य आपका चुनाव है।
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