चीन का कोयला खदान हादसा: 90 मजदूरों की मौत, राष्ट्रपति ने जताया दुख
बीजिंग: चीन के शांक्सी प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। यहां एक कोयला खदान में हुए भीषण गैस धमाके के कारण कम से कम 90 मजदूरों की मौत हो गई है। यह दिल दहला देने वाला हादसा शुक्रवार, 22 मई 2026 की देर रात किनयुआन काउंटी में स्थित 'लिउशेन्यू कोयला खदान' में हुआ। इसे साल 2009 के बाद से अब तक का चीन का सबसे बड़ा और सबसे खतरनाक माइनिंग (खनन) हादसा माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जिस वक्त खदान के भीतर यह जोरदार धमाका हुआ, उस समय वहां कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे।
इस भीषण हादसे के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आपातकालीन निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बचाव कार्य में पूरी ताकत झोंकने और घायलों के इलाज में कोई कसर न छोड़ने की बात कही है। राष्ट्रपति ने हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और साफ किया है कि सुरक्षा नियमों में लापरवाही बरतने वाले दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी इस पूरे मामले की सही रिपोर्टिंग करने और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है।
755 बचावकर्मियों की टीमें राहत कार्य में जुटीं
स्थानीय इमरजेंसी मैनेजमेंट अथॉरिटी ने बताया कि हादसे की खबर मिलते ही बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन (राहत और बचाव कार्य) शुरू कर दिया गया था। कॉर्पोरेट डेटाबेस 'किचाचा' के अनुसार, यह खदान 'शांक्सी टोंगझोउ ग्रुप' की एक इकाई द्वारा चलाई जा रही थी। सरकारी मीडिया शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा में चूक को देखते हुए खदान कंपनी के बड़े अधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। किनयुआन इमरजेंसी मैनेजमेंट ब्यूरो ने जानकारी दी है कि शांक्सी प्रांत से कुल 755 एक्सपर्ट्स की 7 अलग-अलग रेस्क्यू और मेडिकल टीमें मौके पर तैनात की गई हैं, जो मलबे में फंसे लोगों को निकालने और घायलों को संभालने में जुटी हैं।
चीन का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र है शांक्सी
भौगोलिक और औद्योगिक रूप से शांक्सी प्रांत को चीन का सबसे बड़ा कोयला खनन का गढ़ माना जाता है, जहां से पूरे देश के लिए ऊर्जा की आपूर्ति होती है। चीन की खदानों में सुरक्षा मानकों को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, साल 2000 के बाद सरकार ने नियमों को काफी कड़ा किया था, जिससे हादसों की संख्या में थोड़ी कमी जरूर आई थी, लेकिन इस ताज़ा घटना ने एक बार फिर दावों की पोल खोल दी है।
17 साल पुराना इतिहास: इससे पहले साल 2009 में चीन के हेइलोंगजियांग प्रांत की एक कोयला खदान में ऐसा ही बड़ा गैस धमाका हुआ था, जिसमें 108 मजदूरों की जान चली गई थी और 133 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। 2026 में हुआ यह ताजा हादसा दिखाता है कि आधुनिक तकनीक के बावजूद आज भी खदानों के भीतर मजदूरों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है।
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