BHU में यौन उत्पीड़न मामला, आरोपी छात्र का PhD पंजीकरण रद्द
वाराणसी|बीएचयू में यौन उत्पीड़न के आरोप में उज्ज्वलमणि सिंह का पीएचडी पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। वह दूसरे साल के लिए पंजीकरण करा चुके थे। इस आशय का आदेश कुलसचिव कार्यालय (अकादमिक) के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. रंजीत शांडिल्य ने 30 जनवरी को जारी किया था।डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. रंजीत शांडिल्य की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि पीएचडी का पंजीकरण रद्द करके आरोपी छात्र उज्ज्वलमणि सिंह को काली सूची में डाला जा रहा है। वह भविष्य में बीएचयू के किसी भी कोर्स या कार्यक्रम में प्रवेश नहीं ले सकेगा। इस मामले में छात्र का माफीनामा भी खारिज कर दिया गया है। ये कार्रवाई कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत की गई है।
ये है पूरा मामला
मामला 2025 का है। छेड़खानी की शिकायत पर बनी इंटरनल कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। आरोपी छात्र ने एक और मौका देने की अपील भी की थी जिसे खारिज कर दिया गया। 10 अक्तूबर 2025 को साक्ष्यों, शिकायत की कॉपी, रिकॉर्डेड बयान, सीसीटीवी फुटेज आदि की मांग की। इसे भी नहीं दिखाया गया।
बिना शर्त मांगी माफी
छात्र ने मामले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष, डीन और सहकर्मियों से अपने शब्दों या कार्यों के लिए बिना शर्त माफी मांगी। आश्वासन दिया कि यदि उसे एक और अवसर दिया जाता है तो वे विश्वविद्यालय के सभी मानदंडों और मूल्यों का पालन करके दिखाएगा।
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