6 हाथियों ने किया धरमजयगढ़ का रूख-7 कुदमुरा रेंज में
कोरबा, वनमंडल के कुदमुरा रेंज अंतर्गत स्थित जंगल के कक्ष क्रमांक 1139 कुदमुरा परिसर में काफी दिनों से 13 हाथियों के दल ने डेरा डाल रखा था। इसमें से 6 हाथी अब धरमजयगढ़ की ओर चले गये है, जबकि 7 हाथी अभी भी इसी जंगल में डटे हुए है। 6 हाथियों के अन्यत्र जाने से वन विभाग ने कुछ राहत महसूस की है लेकिन 7 हाथियों के क्षेत्र में डटे रहने से अभी भी खतरा बना हुआ है सो वन विभाग का अमला लगातार हाथियों की निगरानी में जुटा हुआ है।
ग्रामीणों को सतर्क करने के साथ हाथियों की मौजूदगी वाले जंगल न जाने तथा हाथियों से दूरी बनाये रखने की अपील लगातार की जा रही है। धरमजयगढ़ से क्षेत्र से 13 हाथियों का दल एक सप्ताह पहले आया था और कुदमुरा परिसर के जंगल के कक्ष क्रमांक 1139 को अपना बसेरा बना लिया था। हाथियों के दल में से 6 हाथी मूव्हमेंट किये और जंगल के रास्ते धरमजयगढ़ की ओर चला गया। हाथियों के दल के संबंध में कहा जा रहा था कि इस दल में 2 शावक भी शामिल है। शावकों के कारण हाथी क्षेत्र के जंगल में जमे हुए है और आगे नहीं बढ़ रहे है।
6 हाथियों ने दल से अलग होकर आगे का रूख कर लिया है। उधर कटघोरा वन मंडल के केंदई एतमानगर व जटगा रेंज में हाथियों की लगातार मौजूदी बनी हुई है। हालांकि मानसूनी बारिश के बाद जंगल में पेड़-पौधे हरे-भरे हो गया है। हाथियों को पर्याप्त मात्रा में चारा व पानी मिल रहा है इसलिए वे जंगल ही जंगल घुम रहे है और आबादी वाले क्षेत्रों में नहीं पहुंच रहे है, जिसके कारण कोई नुकसान नहीं हो रहा है।
सरकार का बयान- घबराहट के कारण बढ़ी सिलेंडर बुकिंग
सरसों की खरीदी के लिये भावांतर भुगतान योजना को मिली केन्द्र से स्वीकृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जनजातीय अंचल के विकास में खेत और किसान की अच्छी सेहत जरूरी : राज्यपाल पटेल
बेहतर समन्वय से केन्द्र सरकार के मंत्रालयों से मिल रहा है पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
LPG संकट के बीच सिलेंडर छोड़ इंडक्शन पर शिफ्ट हुआ सागर गैरें
एमपी में राज्यसभा की एक सीट पर सस्पेंस, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर
बिहार चुनाव: बीजेपी के बटुए से निकले 146.71 करोड़, सबसे ज्यादा 89 विधायक जीते
हरदीप पुरी ने लोकसभा में कहा—भारत में गैस-तेल की कोई कमी नहीं