लीजिए, अवधेश ने दिग्विजय को कर दिया गलत साबित....
राजनीति के ऐसे दौर में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुरेश पचौरी जैसे वरिष्ठ नेता कांग्रेस छोड़ कर भाजपा का दामन लेते हैं, तब दतिया में दूसरी बार टिकट से वंचित अवधेश नायक कट्टर कांग्रेसियों से भी ज्यादा निष्ठावान साबित हुए। भाजपा में घर वापसी की अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होंने कांग्रेस के घनश्याम सिंह के लिए ही काम करने का फैसला ले लिया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ एक चुनावी सभा में मंच साझा किया। अवधेश ने सबसे ज्यादा किसी को गलत साबित किया तो वे हैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह। उन्होंने 2023 में यह कह कर उनका घोषित टिकट कटवाया था कि वे अभी भाजपा से आए हैं, इसलिए उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अब भी अवधेश ने सार्वजनिक किया था कि दिग्विजय से उनकी बात हुई तो उन्होंने कहा था कि आप संघ की पृष्ठभूमि से हैं। आप चुनाव जीतने के बाद भाजपा में वापस जा चले जाएंगे तो कांग्रेस क्या करेगी? कांग्रेस ने अवधेश को टिकट नहीं दिया और हालात अवधेश की भाजपा में वापसी के बन भी गए। अवधेश नाराज हुए। निर्णय लेने के लिए समय लिया। अपने लोगों से बात की और अंतत: कांग्रेेस में ही रहने का फैसला लिया। अब दिग्विजय बताएं कि अवधेश ज्यादा निष्ठावान हैं या वे कांग्रेसी जो वर्षों पार्टी में रह कर लाभ लेते हैं और मौका पाते ही भाजपा का दामन थाम कर पार्टी की सरकार तक गिरा देते हैं?
नरोत्तम की धमकी एसपी को या निशाने पर कोई और....?
- प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के तेवर भविष्य में उन्हें नुकसान पहुंचाएंगे या फायदा, यह बाद में पता चलेगा लेकिन दतिया से टिकट कटने के बाद वे नए-नए मोर्चे खोलते दिख रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की मौजूदगी में मंच से पुलिस अधीक्षक को सार्वजनिक तौर पर धमकाना सिर्फ अपने समर्थकों के घाव पर मरहम लगा नहीं है। इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। पहला यही कि पुलिस अधीक्षक सरकार के संकेत के बिना हाइवे जाम करने वाले उनके समर्थकों पर कार्रवाई नहीं कर सकते। इसलिए उन्हें धमका कर नरोत्तम ने सीधे डॉ मोहन यादव सरकार को चुनौती दी है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि आशुतोष में मेरा टिकट कटवाने की हैसियत नहीं है। मेरा टिकट कटवाने लोग दूसरे हैं। उनसे मैं बात करूंगा अर्थात निबटूंगा। नरोत्तम ने नाम भले नहीं लिया लेकिन इशारा प्रदेश भाजपा नेतृत्व और पार्टी के कुछ बड़े नेताओं की ओर है। ऐसा कह कर उन्होंने इनके खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। सवाल यह है कि नरोत्तम इनका क्या बिगाड़ पाएंगे? अब तक चर्चा में यही है कि प्रदेश नेतृत्व की ओर से दतिया के लिए नरोत्तम का अकेला नाम भेजा गया था, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने मिले फीड बैक के आधार पर अचानक पैनल मांग लिया और उनका टिकट कट गया। क्या नरोत्तम फीड बैक देने वाले इन नेताओं से निबट पाएंगे?
जिताएंगे या भाजपा का बेड़ा गर्क करेंगे नरोत्तम के तेवर....!
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दतिया में भाजपा के आशुतोष तिवारी को जिताने की जवाबदारी नरोत्तम मिश्रा को सौंप दी थी। नरोत्तम ने डेरा डाल कर वहां मोर्चा भी संभाल भी लिया है। पर उन्होंने जिस तरह प्रचार अभियान का आगाज किया है और जैसे तेवर दिखाना शुरू किए हैं, उससे सवाल उठ रहे हैं कि ये तेवर भाजपा को जिताएंगे या बेड़ा गर्क कर देंगे? नामांकन रैली में निकल उनके आंसू और मंच से एसपी एवं टिकट कटवाने वाले नेताओं को धमकी चुनाव में क्या गुल खिलाएगी? हर विश्लेषक उनके आंसुओं की दो तरह से व्याख्या कर रहा है। अधिकांश की राय है कि इससे भाजपा को लाभ की बजाय नुकसान ज्यादा होगा, क्योंकि नरोत्तम समर्थक उन्हें रोता देख कर और दु:खी हुए। उन्होंने तय कर लिया कि वे अपने नेता के समझाने पर भी नहीं मानेंगे और भाजपा से हिसाब बराबर करेंगे। वे यह भी मानते हैं कि यदि आशुतोष जीत गए तो ढाई साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में उनका टिकट काटना और कठिन होगा। नतीजा, नराेत्तम की राजनीति का अंत हो सकता है। वैसे भी भाजपा के अंदर उनका पंगा बढ़ता जा रहा है। आशुतोष को उनकी हैसियत बता कर, टिकट कटवाने वाले नेताओं से बात करने और पुलिस अधीक्षक को धमका कर वे सरकार से भी पंगा ले रहे हैं। सरकार से अर्थात मुख्यमंत्री से पंगा, इसलिए नरोत्तम को हर कदम फूंक-फूंक कर रखना चाहिए।
कांग्रेस को कहां पहुंचाएगी यह अंदरूनी सिर-फुटौव्वल....?
- प्रदेश कांग्रेस का एक विवाद शांत नहीं हो पाता और नई सिर-फटौव्वल की खबर आ जाती है। दिग्विजय सिंह के साथ जीतू पटवारी के मतभेद सार्वजनिक हैं। एक अन्य वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी प्रदेश महामंत्री निधि चतुर्वेदी निधि ने उन्हें अनुशासनात्मक नोटिस जारी करने वाले प्रदेश के संगठन प्रभारी महामंत्री संजय कामले की हैसियत पर ही सवाल उठा दिया है। अब आगर-मालवा जिले से कांग्रेस विधायक भैरो सिंह ‘बापू’ ने पार्टी के पूरे प्रदेश नेतृत्व को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल की मौजूदगी में मंच से उन्होंने कह दिया कि जीतू पटवारी धृतराष्ट्र की भूमिका में हैं और पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेता कांग्रेस को निबटाने में लगे हैं। लोग भाजपा से नाराज हैं लेकिन कांग्रेस में नेता ही जन प्रतिनिधियों को हराने के काम में लगे हैं। उन्होंने भविष्यवाणी कर दी कि इस तरह 2028 में भी प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बनने वाली। बापू को गुस्सा इस बात पर था कि उनके क्षेत्र में उन्हें जानकारी दिए बिना कार्यक्रम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उनके क्षेत्र में कोई नेता उन्हें बिना जानकारी दिए आया तो वे उसका मुंह काला करेंगे। जरूरत पड़ी तो वे कांग्रेस छोड़ने से भी नहीं हिचकिचाएंगे। जीतू जी, आप ही बताईए कि यह सिर-फुटौव्वल कांग्रेस को कहां ले जाएगी और आप कैसे भाजपा से दो-दो हाथ कर पाएंगे?
जीतू की राह का रोड़ा तो नहीं बन रहे उनके भाई नाना....!
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इन दिनों कई चुनौतियों से घिरे हुए हैं। उनके सामने पहली और सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को विधानसभा चुनाव के लिए मजबूती से खड़ा करने की है ताकि वे सत्ता में वापसी का सपना पूरा कर सकें। इसके लिए अपनी तरफ से वे जी-तोड़ मेहनत भी कर रहे हैं। इस राह में सबसे बड़ी रोड़ा है दूसरी चुनौती कांग्रेस के अंदर की सिर-फुटौव्वल। इसे थामने में वे असफल साबित हो रहे हैं। तीसरी चुनौती उनके खुद के अस्तित्व के लिए उनके अपने घर से खड़ी हो गई है। इस चुनौती का नाम है उनके अपने भाई चंद्रभूषण अर्थात नाना पटवारी। पुलिस को उनके मोबाइल से ऑनलाइन सट्टे के दो एप, तीन संदिग्ध मोबाइल नंबर और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के डिजिटल सुराग मिले हैं। इन्हीं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है कि ऑनलाइन सट्टा, संदिग्ध लेन-देन और कथित ड्रग्स पार्टी के बीच कोई कनेक्शन था या नहीं? पुलिस उनसे घंटों पूछताछ कर चुकी है। जीतू ने अपने भाई के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि चूंकि उन्होंने मुख्यमंत्री पर जमीन खरीदी को लेकर आराेप लगाए इसलिए भाई के जरिए उन्हें बदनाम करने की काेशिश हो रही है। पर उनके भाई नाना ने यह कह कर उन्हें असहज कर दिया कि वे तीन साल पहले तक ड्रग लेते थे। कहीं नाना भाई जीतू के राजनीतिक भविष्य का कांटा न बन जाएं?
पीवी सिंधू की वापसी की कहानी में विराट कोहली का खास रोल, पति का बड़ा बयान
संसद भवन में NDA की अहम बैठक, पीएम मोदी और नए सांसदों पर रहेगा फोकस
सीएम ग्रिड प्रोजेक्ट बना परेशानी का कारण, कीचड़ और दलदल से राहगीरों की बढ़ी मुश्किल
शेयर बाजार में गिरावट का झटका, Sensex 300 अंक टूटा; Nifty 24,200 के नीचे
तोड़फोड़ करने वालों की बढ़ी मुश्किलें, CJP प्रदर्शन मामले में दर्ज हुईं पांच FIR
UltraTech Cement के शानदार नतीजे, शेयर में आई तेजी; निवेश का सही मौका?
विराट-रोहित का उदाहरण देकर अश्विन ने उठाई गेंदबाजों की आवाज, शमी और सिराज पर कही बड़ी बात
राजस्थान की सुचित्रा आर्य को कांग्रेस OBC महिला विंग की राष्ट्रीय जिम्मेदारी
जंतर-मंतर से संसद तक फिर कूच, अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान