फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन के हाथों 2-0 से शिकस्त झेलने के बाद फ्रांस का लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरवशाली सपना भले ही चकनाचूर हो गया हो, लेकिन इस मैच के दौरान फ्रांसीसी फुटबॉल के दो सबसे बड़े दिग्गजों ने खेल इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है। टीम के कप्तान किलियन एमबाप्पे और मुख्य कोच डिडिएर डेशॉ ने इस मुकाबले में उतरते ही ऐसे विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिए हैं, जिसने हार के गम के बीच भी उन्हें वैश्विक खेल जगत की सुर्खियों में ला दिया है। अब फ्रांस का कारवां मियामी की ओर कूच करेगा, जहाँ शनिवार को तीसरे स्थान (कांस्य पदक) के लिए महामुकाबला खेला जाना है। भारतीय समयानुसार यह मैच 19 जुलाई 2026 को रात 12:30 बजे शुरू होगा।

किलियन एमबाप्पे बने फ्रांस के लिए सबसे ज्यादा वर्ल्ड कप मैच खेलने वाले 'किंग', महज 27 साल की उम्र में लोरिस को पछाड़ा

मेरिका के डलास स्टेडियम में स्पेन के खिलाफ जैसे ही फ्रांस की टीम राष्ट्रगान के लिए मैदान पर खड़ी हुई, कप्तान किलियन एमबाप्पे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 21वां विश्व कप मैच खेलकर एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक उपस्थिति के साथ ही वे फ्रांस के फुटबॉल इतिहास में विश्व कप के मंच पर सबसे अधिक मुकाबले खेलने वाले इकलौते खिलाड़ी बन गए हैं।

एमबाप्पे ने इस मामले में अपने ही देश के पूर्व महान गोलकीपर और कप्तान ह्यूगो लोरिस के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया, जिन्होंने साल 2010 से 2022 के बीच फ्रांस के लिए 20 विश्व कप मैच खेले थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि एमबाप्पे ने यह विशाल कीर्तिमान महज 27 साल की उम्र में ही हासिल कर लिया है, जिससे यह पूरी तरह साफ है कि आगामी विश्व कप आयोजनों में वे इस आंकड़े को एक ऐसे स्तर पर ले जाएंगे जहाँ पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक सपना होगा।

फ्रांस की तरफ से विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक मैच खेलने वाले शीर्ष 10 खिलाड़ी

स्थान खिलाड़ी का नाम कुल विश्व कप मैच
1. किलियन एमबाप्पे 21
2. ह्यूगो लोरिस 20
3. एंटोनी ग्रीजमैन 19
4. ओलिवियर गिरूड 18
5. राफेल वराने 18
6. फेबियन बार्थेज 17
7. थिएरी हेनरी 17
8. लिलियन थुराम 16
9. मैक्सिम बॉसिस 15
10. मिशेल प्लातिनी 14

गोल्डन बूट की रेस में एमबाप्पे नंबर-1 पर बरकरार, मियामी में मेसी को पछाड़ने का आखिरी मौका

भले ही फ्रांस की टीम अब फाइनल की चमचमाती ट्रॉफी नहीं उठा पाएगी, लेकिन किलियन एमबाप्पे व्यक्तिगत रूप से टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर को मिलने वाले 'गोल्डन बूट' पुरस्कार को जीतने की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। इस टूर्नामेंट में अब तक एमबाप्पे के नाम 8 गोल और 3 असिस्ट (गोल करने में मदद) दर्ज हैं। हालांकि, अर्जेंटीना के महान कप्तान लियोनल मेसी भी 8 गोल दागकर उनके बराबर खड़े हैं, लेकिन मेसी के खाते में केवल 2 असिस्ट हैं, जिसके कारण एमबाप्पे तकनीकी रूप से पहले स्थान पर काबिज हैं।

इस सूची में नॉर्वे के आक्रामक स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड 7 गोल के साथ तीसरे पायदान पर हैं, जबकि इंग्लैंड के जूड बेलिंगहम और हैरी केन 6-6 गोल के साथ क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। शनिवार को मियामी में होने वाले तीसरे स्थान के मैच में एमबाप्पे के पास कुछ और गोल दागकर इस सुनहरी ट्रॉफी पर अपना कब्जा पूरी तरह सुरक्षित करने का अंतिम मौका होगा।

फीफा विश्व कप 2026: गोल्डन बूट की ताजा अंकतालिका (सेमीफाइनल के बाद)

खिलाड़ी का नाम देश दागे गए गोल कुल असिस्ट
किलियन एमबाप्पे फ्रांस 8 3
लियोनल मेसी अर्जेंटीना 8 2
एर्लिंग हालंद नॉर्वे 7 0
जूड बेलिंगहम इंग्लैंड 6 1
हैरी केन इंग्लैंड 6 1

रणनीतिकार डिडिएर डेशॉ का भी महा-रिकॉर्ड: जर्मनी के हेल्मुट शॉन की बराबरी की, अगले मैच में बनेंगे नंबर-1

स्पेन के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में टीम की कमान संभालते ही फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशॉ ने भी विश्व फुटबॉल के कोचिंग इतिहास में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया है। बतौर मुख्य प्रशिक्षक (कोच) यह विश्व कप इतिहास में उनका 25वां मुकाबला था। इस मैच के साथ ही उन्होंने जर्मनी के दिग्गज फुटबॉल मैनेजर हेल्मुट शॉन के विश्व कप में सर्वाधिक मैचों में कोचिंग देने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

वर्तमान में विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा मैचों में रणनीतिक कमान संभालने वाले प्रशिक्षकों की सर्वकालिक सूची में ये दोनों दिग्गज संयुक्त रूप से शीर्ष पर आ गए हैं। आगामी शनिवार को होने वाले मैच में डेशॉ जैसे ही मैदान पर उतरेंगे, यह उनके करियर का 26वां विश्व कप मैच होगा और वे जर्मनी के हेल्मुट शॉन को पछाड़कर दुनिया के नंबर-1 कोच बन जाएंगे।

विश्व कप इतिहास में बतौर मुख्य कोच सर्वाधिक मैचों का रिकॉर्ड

  • डिडिएर डेशॉ (फ्रांस): 25 मैच

  • हेल्मुट शॉन (जर्मनी): 25 मैच

  • कार्लोस अल्बर्टो परेरा (ब्राजील): 23 मैच

  • लुइज़ फेलिपे स्कोलारी (ब्राजील): 21 मैच

  • बोरा मिलुटिनोविच: 20 मैच

  • ऑस्कर तबरेज (उरुग्वे): 20 मैच

  • मारियो जगालो (ब्राजील): 20 मैच

कोच के रूप में 14 साल के स्वर्णिम युग का होने जा रहा है समापन

डिडिएर डेशॉ का फ्रांस के मुख्य फुटबॉल प्रशिक्षक के रूप में पिछला 14 साल का लंबा और सफल कार्यकाल अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। उनके शानदार मार्गदर्शन में फ्रांस ने साल 2018 में विश्व कप का खिताब जीता था, जबकि इससे पहले वे साल 1998 में एक जुझारू खिलाड़ी के रूप में भी विश्व विजेता टीम का हिस्सा रह चुके थे। फुटबॉल के इतिहास में खिलाड़ी और कोच, दोनों ही भूमिकाओं में विश्व कप चूमने वाले वे दुनिया के गिने-चुने महान दिग्गजों में शुमार हैं।

भले ही इस बार फ्रांसीसी सेना फाइनल तक का सफर तय नहीं कर सकी, लेकिन एमबाप्पे और डेशॉ के इन ऐतिहासिक कीर्तिमानों ने इस विश्व कप को फ्रांस के लिए हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बना दिया है। अब खेल प्रेमियों की निगाहें शनिवार के मुकाबले पर टिकी हैं, जहाँ एक नया इतिहास बनने का गवाह पूरा विश्व बनेगा।