मोहन सरकार का बड़ा फैसला, ग्वालियर में विकसित होगा टेलीकॉम हब
ग्वालियर। मध्य प्रदेश सरकार राज्य के चहुंमुखी विकास और औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम कर रही है। सूबे की मोहन सरकार की इस नई पहल से न केवल प्रदेश के औद्योगिक ढांचे को एक नया रोडमैप मिलेगा, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में रोजगार सृजन का माध्यम भी बनेगी। इसी दूरगामी सोच के तहत ग्वालियर जिले में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 100 एकड़ से अधिक की विशाल भूमि पर एक अत्याधुनिक 'टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन' स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इस विशेष हब के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्तर पर भूमि के पुन आवंटन की प्रक्रिया को भी बेहद तेज गति से अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
विकास प्राधिकरण से राजस्व विभाग को भूमि का हस्तांतरण
इस बड़ी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व में आवंटित की गई भूमि के स्वामित्व में बदलाव के आदेश जारी कर दिए हैं। पूर्व में यह चिन्हित भूखंड 'विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण' (साडा) की माधवराव काउंटर मैग्नेट सिटी परियोजना के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए सुरक्षित किया गया था। अब मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की विशेष मांग पर इस पूरी जमीन को फैक्ट्रियों और विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए स्थानांतरित करने की कानूनी प्रक्रिया जिला कलेक्टर के निर्देश पर शुरू कर दी गई है।
दूरसंचार विनिर्माण हब के लिए प्रशासनिक हरी झंडी
प्रशासनिक न्यायालय के नवीनतम आदेश के तहत ग्राम कुलैथ और सौजना क्षेत्र में स्थित कुल 100 एकड़ (लगभग 40.468 हेक्टेयर) भूमि को विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र से वापस ले लिया गया है। आम रास्तों और सार्वजनिक उपयोग की जमीन को छोड़कर यह पूरी खाली भूमि अब विधिवत रूप से राजस्व विभाग के सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज की जा रही है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होते ही यह पूरा भूखंड औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को सुपुर्द कर दिया जाएगा, जिसके बाद यहां बिना किसी बाधा के टेलीकॉम जोन के बुनियादी ढांचे का निर्माण कार्य आरंभ हो सकेगा।
स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नौकरियों की बहार
परियोजना की महत्ता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी के साथ सरकारी रिकॉर्ड दुरुस्त करने और खसरे की अद्यतन प्रति कलेक्टरेट कार्यालय में प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं। नायब तहसीलदार और पटवारी स्तर पर सरकारी दस्तावेजों में इस बदलाव को तेजी से दर्ज किया जा रहा है। इस विशाल विनिर्माण क्लस्टर के ग्वालियर में स्थापित होने से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की दूरसंचार कंपनियां अपनी इकाइयां यहां खोलेंगी, जिससे क्षेत्र में न सिर्फ व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए उनके गृह क्षेत्र में ही उच्च वेतन वाले तकनीकी व गैर-तकनीकी रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
क्या है टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन और इसके लाभ
दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र असल में एक ऐसा विशिष्ट और आरक्षित औद्योगिक परिसर होता है जहां केवल दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी तकनीकों और उपकरणों का निर्माण किया जाता है। इस क्षेत्र में मोबाइल हैंडसेट, टावर एंटेना, इंटरनेट राउटर, फाइबर ऑप्टिक केबल्स और अत्याधुनिक 5G तकनीक पर आधारित विभिन्न प्रकार के उपकरणों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है। कंपनियों को आकर्षित करने के लिए सरकार ऐसे विशेष जोन में निर्बाध बिजली, पानी की प्रचुर उपलब्धता, रियायती दरों पर भूमि और करों (टैक्स) में विशेष छूट जैसी आकर्षक सुविधाएं प्रदान करती है ताकि देश-विदेश की कंपनियां सुगमता से अपनी फैक्ट्रियां लगा सकें।
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