राशन के गेहूं में मिली हड्डियां, दुकान सील; खाद विभाग ने शुरू की जांच
टीकमगढ़: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के ग्रामीण अंचल से सरकारी राशन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की बड़ी लापरवाही और घोर प्रशासनिक उदासीनता का एक बेहद घृणास्पद और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के अंतर्गत आने वाले नन्ही टेहरी गांव की शासकीय उचित मूल्य (कंट्रोल) की दुकान पर जब गरीब हितग्राहियों को मासिक राशन का वितरण किया जा रहा था, तभी वहां अफरा-तफरी मच गई।
गेहूं वितरण के लिए जब दुकान के कर्मचारियों ने तौल शुरू करने के लिए पहली बोरी का मुंह खोला, तो उसमें से अनाज के साथ-साथ किसी मृत जानवर के सिर और पैरों के कंकाल (हड्डियां) बाहर निकल आए। इस वीभत्स दृश्य को देखकर राशन लेने पहुंचे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने शासकीय अमले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस दूषित अनाज को लेने से साफ मना कर दिया। घटना की गंभीरता और जनआक्रोश को देखते हुए खाद्य विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मौके पर पहुंचकर दुकान को सील कर दिया गया।
पहली ही बोरी खुलते ही फूटा हितग्राहियों का गुस्सा; अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रुकवाया वितरण
टीकमगढ़: स्थानीय चश्मदीदों के अनुसार, सोमवार सुबह जैसे ही शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत पात्र परिवारों को गेहूं बांटने की प्रक्रिया शुरू की गई, पहले ही बोरे ने विभाग की कलई खोल दी:
-
सड़ती हड्डियों से फैली बदबू: बोरे के भीतर गेहूं के साथ जानवरों की बड़ी हड्डियां और अवशेष मिलने से वहां मौजूद लोगों के सब्र का बांध टूट गया।
-
अधिकारी पहुंचे जांच पर: ग्रामीणों के उग्र तेवर और हंगामे की खबर मिलते ही कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सार्थक तिवारी तत्काल अपनी टीम के साथ नन्ही टेहरी गांव पहुंचे। उन्होंने अपनी मौजूदगी में दुकान में मौजूद गेहूं की अन्य बोरियों को भी खुलवाकर सघन जांच करवाई। गनीमत रही कि जांच के दौरान बाकी बोरियों में ऐसी कोई आपत्तिजनक या अपवित्र सामग्री नहीं पाई गई, लेकिन ग्रामीणों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए पूरे स्टॉक के वितरण पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई।
163 क्विंटल गेहूं का पूरा स्टॉक वापस भेजने का फैसला; विदिशा के वेयरहाउस से आई थी विवादित खेप
टीकमगढ़: खाद्य विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस सरकारी राशन दुकान पर इस बार कुल 163 क्विंटल गेहूं वितरण के लिए भेजा गया था:
-
पठानी समिति की बोरी: प्राथमिक विभागीय जांच और बोरियों पर लिखे टैग से यह खुलासा हुआ है कि गेहूं की यह संदिग्ध खेप विदिशा जिले के 'संकल्प वेयरहाउस' से लोड होकर आई थी। जिस विशेष बोरी में जानवर की हड्डियां पाई गईं, उस पर उपार्जन केंद्र के रूप में 'सेवा सहकारी समिति पठानी' का नाम दर्ज है।
-
बदला जाएगा पूरा अनाज: खाद्य विभाग के अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि नन्ही टेहरी दुकान में पहुंचे 163 क्विंटल गेहूं की इस पूरी खेप को तुरंत प्रभाव से विदिशा वापस लौटाया जाएगा। इसके स्थान पर स्थानीय प्रशासन बहुत जल्द बफर स्टॉक से बिल्कुल साफ और गुणवत्तापूर्ण नया गेहूं मंगवाकर ग्रामीणों के बीच बटवाएगा। साथ ही, जिला प्रशासन विदिशा के वेयरहाउस प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि पैकिंग के समय इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
टीकमगढ़ में घटिया और दूषित अनाज वितरण का पुराना इतिहास; दमोह से आई 6 हजार से अधिक बोरियों में मिले थे कीड़े
टीकमगढ़: स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि टीकमगढ़ जिले में गरीबों के निवाले के साथ खिलवाड़ करने और घटिया किस्म का अनाज वितरण के लिए भेजने का यह कोई पहला मामला नहीं है:
-
कीड़े और मिट्टी वाला अनाज: इससे पहले भी दमोह जिले के सरकारी गोदामों से टीकमगढ़ भेजी गई गेहूं की करीब 6,265 बोरियों में भारी मात्रा में घुन, जिंदा कीड़े, कंकड़-मिट्टी, अत्यधिक नमी और सड़ांध पाई गई थी।
-
बड़ी खेप हुई थी रिजेक्ट: उस समय भी भारी विरोध के बाद करीब 3,132 क्विंटल सड़े हुए गेहूं को वापस दमोह रिजेक्ट कर लौटाना पड़ा था। बार-बार सामने आ रहे ऐसे गंभीर मामलों ने राज्य सरकार के अनाज उपार्जन, वैज्ञानिक भंडारण और गुणवत्ता नियंत्रण (क्वालिटी कंट्रोल) के दावों की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों ने अब इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
CJP प्रदर्शन पर सरकार का रुख साफ, बोली- बातचीत के लिए हमेशा तैयार, 24 घंटे में दिए 4 प्रस्ताव
मस्जिद में मासूम से कथित वारदात, आरोपी मौलाना पर FIR; जांच शुरू
शिक्षा पर सरकारी खर्च का रिपोर्ट कार्ड, मोदी सरकार के 12 साल के आंकड़े क्या कहते हैं?
ट्रेन लेट हुई तो यात्रियों का फूटा गुस्सा, झाबुआ में रेलवे ट्रैक पर दिया धरना
हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य का PM मोदी से आग्रह, बोले- युवाओं से सीधे जुड़ें
वकील दंपती के साथ कथित जातीय भेदभाव, ₹35 हजार जुर्माना और सामूहिक दावत का दबाव
छात्रों के समर्थन में बॉलीवुड, आर. माधवन और आलिया भट्ट समेत कई सितारों ने रखी अपनी बात
ICC का बड़ा ऐलान, अगले साल इस मैदान पर खेला जाएगा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल