SBI Funds Management IPO: ग्रे मार्केट में फीका प्रदर्शन, निवेश से पहले जानें 10 बातें
मुंबई। देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आज से आम निवेशकों के लिए खुल चुका है। पहले इस सार्वजनिक निर्गम का कुल आकार ११,६९३ करोड़ रुपये तय किया गया था, लेकिन प्री-आईपीओ राउंड के दौरान करीब ३० बड़े और दिग्गज निवेशकों से १,८८० करोड़ रुपये की राशि सफलतापूर्वक जुटाने के बाद अब इस आईपीओ का शुद्ध आकार घटकर ९,८१३ करोड़ रुपये रह गया है। इस आईपीओ के खुलने के साथ ही घरेलू शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई है और निवेशक इस बड़ी कंपनी में हिस्सेदार बनने के लिए काफी उत्सुक नजर आ रहे हैं।
प्राइस बैंड, लॉट साइज और महत्वपूर्ण तारीखों का निर्धारण
कंपनी के ९,८१३ करोड़ रुपये के इस आईपीओ के लिए मूल्य दायरा यानी प्राइस बैंड ५४५ रुपये से लेकर ५७४ रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज २६ शेयरों का रखा गया है, जिसका मतलब है कि निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा। कंपनी ने अपने और मूल बैंक एसबीआई के पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर ५४ रुपये की विशेष छूट देने की घोषणा की है, हालांकि एसबीआई के आम शेयरधारकों के लिए कोई अतिरिक्त छूट नहीं रखी गई है। यह आईपीओ निवेश के लिए १४ जुलाई से १६ जुलाई तक खुला रहेगा, जिसके बाद १७ जुलाई को शेयरों का आवंटन अंतिम रूप से तय किया जाएगा और २१ जुलाई को बीएसई एवं एनएसई पर इसकी लिस्टिंग होगी।
एंकर निवेशकों से भारी निवेश और ओएफएस का ढांचा
आईपीओ के औपचारिक रूप से खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए बाजार से २,६६३ करोड़ रुपये जुटाकर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। इस एंकर बुक के तहत ब्लैकरॉक, अबूधाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी, मॉर्गन स्टैनले और गोल्डमैन सैक्स जैसे वैश्विक दिग्गजों को ५७४ रुपये के भाव पर शेयर जारी किए गए हैं, जिनमें कई प्रतिष्ठित घरेलू म्यूचुअल फंड्स भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इस निर्गम के तहत कोई भी नया शेयर जारी नहीं किया जा रहा है, बल्कि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) पर आधारित है, जिसमें प्रमोटर एसबीआई और एमुंडी इंडिया होल्डिंग्स अपने पास मौजूद शेयरों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे मिलने वाली पूरी राशि सीधे इन्हीं प्रमोटर्स के पास जाएगी।
मजबूत वित्तीय स्थिति और बाजार में कंपनी का दबदबा
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जो मुख्य रूप से एसबीआई और एमुंडी के संयुक्त उद्यम के रूप में काम करती है। वित्तीय प्रदर्शन के लिहाज से कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है और हाल के वर्षों में इसका शुद्ध मुनाफा २१ प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़कर ३,०६७.३८ करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि कुल आय भी २० प्रतिशत के सीएजीआर से बढ़कर ४,९७६.११ करोड़ रुपये हो चुकी है। बाजार में अपनी मजबूत पैठ के चलते यह कंपनी वर्तमान में १६ लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति (एयूएम) का प्रबंधन कर रही है, जो पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग के कुल एयूएम का लगभग १५.५ प्रतिशत हिस्सा है और इसके सक्रिय ग्राहकों की संख्या १.६० करोड़ से अधिक है।
ग्रे मार्केट के बदलते संकेत और ब्रोकरेज हाउसेज का सकारात्मक नजरिया
वर्तमान में ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों को लेकर उत्साह थोड़ा नरम पड़ा है और आईपीओ खुलने से ठीक पहले इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) ऊपरी प्राइस बैंड से लगभग १६.२० प्रतिशत यानी ९३ रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, बाजार के प्रमुख विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को केवल ग्रे मार्केट के आंकड़ों के बहकावे में आने के बजाय कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स को देखकर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। देश की इस अग्रणी म्यूचुअल फंड कंपनी के मजबूत ब्रांड नेम, एसबीआई के विशाल वितरण नेटवर्क और ऊंचे ऑपरेटिंग मार्जिन को देखते हुए अधिकांश प्रतिष्ठित ब्रोकरेज हाउसेज और स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट जैसे विश्लेषकों ने इस आईपीओ को लंबी अवधि के लिए खरीदने यानी 'सब्सक्राइब' करने की स्पष्ट सलाह दी है।
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