रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के नाम से सोशल मीडिया पर एक बेहद खौफनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा था कि एक पत्नी ने अपने पति की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव के कई टुकड़े करके एलपीजी गैस सिलेंडर को काटकर उसमें छिपा दिए। इस सनसनीखेज वीडियो के इंटरनेट पर सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया और आम लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। हालांकि, जब स्थानीय पुलिस प्रशासन और साइबर सेल ने इस मामले की गंभीरता से जांच की, तो सच्चाई कुछ और ही निकलकर सामने आई और यह पूरा दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ।

सोशल मीडिया पर किया जा रहा खौफनाक दावा पूरी तरह निकला भ्रामक

इंटरनेट पर जिस वीडियो को रीवा जिले की घटना बताकर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा था, उसका वास्तविकता से कोई वास्ता नहीं है। पुलिस की शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया कि यह वीडियो न तो रीवा का है और न ही जिले में ऐसी कोई वारदात अंजाम दी गई है। वायरल वीडियो में महिला द्वारा कुल्हाड़ी से हमला करने और शव को गैस सिलेंडर में भरने की जो बातें कही जा रही थीं, वे समाज में सनसनी और दहशत फैलाने के उद्देश्य से गढ़ी गई थीं। पुलिस के इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने बड़ी राहत की सांस ली है।

पुलिस प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी कर किया घटना का खंडन

इस पूरे मामले पर रीवा के नगर पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक ने आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर रीवा का नाम जोड़कर जो वीडियो वायरल किया जा रहा है, वह पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिले के किसी भी थाना क्षेत्र में इस तरह की कोई भी अप्रिय या आपराधिक घटना घटित नहीं हुई है। इस भ्रामक वीडियो का रीवा शहर या जिले के किसी भी ग्रामीण इलाके से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है, इसलिए जनता को इस पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उन सोशल मीडिया अकाउंट्स और संदिग्ध प्रोफाइल्स की निगरानी शुरू कर दी है, जिन्होंने बिना किसी पुष्टि के इस वीडियो को शेयर किया था। पुलिस का कहना है कि इंटरनेट पर इस तरह की भ्रामक और डराने वाली सामग्री साझा करने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अफवाह फैलाने वाले ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी कानून यानी आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता से बिना जांचे-परखे सामग्री न साझा करने की अपील

रीवा पुलिस ने आम नागरिकों और इंटरनेट उपभोक्ताओं से बेहद जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का उपयोग करने की पुरजोर अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील या हिंसक वीडियो को आगे फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लेनी चाहिए। बिना सोचे-समझे ऐसी भ्रामक चीजें शेयर करने से न केवल समाज में अशांति और अनावश्यक खौफ पैदा होता है, बल्कि ऐसा करना कानूनन अपराध की श्रेणी में भी आता है, जिससे लोग अनजाने में कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं।