दिव्यांगजनों को मिलेगी वित्तीय मदद, योजना का लाभ लेने की अंतिम तारीख 15 अगस्त
हापुड़। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से दिव्यांगजनों के कल्याण, सर्वांगीण विकास और पुनर्वास को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद सराहनीय कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने राज्य निधि के माध्यम से दिव्यांगजनों को आठ अलग-अलग श्रेणियों में विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की एक सुव्यवस्थित व्यवस्था की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के इस अहम हिस्से को आर्थिक और सामाजिक रूप से अधिक मजबूत बनाना है ताकि वे आत्मनिर्भर होकर सम्मानजनक जीवन जी सकें।
अगस्त तक आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकेंगे पात्र लोग
इस महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ऋचा गुप्ता ने विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए समय-सीमा तय कर दी गई है। सभी पात्र सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाएं और स्वयं दिव्यांगजन आगामी 15 अगस्त 2026 तक अपने आवेदन आधिकारिक माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं। समय पर आवेदन करने वाले पात्र आवेदकों को ही शासन की इस विशेष आर्थिक मदद का लाभ मिल सकेगा।
हस्तशिल्प प्रदर्शनियों और खेल-संगीत प्रतियोगिताओं के लिए मिलेगी मदद
योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के दायरों को बेहद व्यापक रखा गया है। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के अनुसार, राज्य निधि से दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प और अन्य बेहतरीन उत्पादों की प्रदर्शनियों व कार्यशालाओं के आयोजन के लिए बजट दिया जाएगा। इसके साथ ही खेल, संगीत, नृत्य, साहित्य और फिल्म जैसे विभिन्न रचनात्मक क्षेत्रों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी वित्तीय मदद का प्रावधान किया गया है।
गंभीर बीमारियों के इलाज और आधुनिक उपकरण खरीदने में मिलेगी बड़ी राहत
दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन को सुगम बनाने के लिए भी इस योजना में विशेष ध्यान रखा गया है। इसके अंतर्गत गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को मोटी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, जो दिव्यांगजन अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए उच्च सहायता वाले आधुनिक उपकरण (हाई सपोर्ट इंस्ट्रूमेंट्स) खरीदना चाहते हैं, उन्हें भी शासन की ओर से इसे खरीदने के लिए जरूरी फंड मुहैया कराया जाएगा।
विशेष विद्यालयों में आधुनिक लैब और खेल सुविधाओं का होगा विकास
संस्थागत स्तर पर दिव्यांगजनों की शिक्षा और कौशल को निखारने के लिए भी भारी वित्तीय सहयोग की व्यवस्था की गई है। इसके तहत दिव्यांग शिक्षा व पुनर्वास से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संचालित किया जाएगा। साथ ही, विशेष विद्यालयों में विद्यार्थियों के मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए गणित, विज्ञान एवं मनोविज्ञान की आधुनिक प्रयोगशालाओं (लैब्स) की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा खेल सुविधाओं को बढ़ाने और पुनर्वास से संबंधित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाओं के आयोजन के लिए भी सरकार पूरा आर्थिक सहयोग देगी।
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