स्वीडन दौरे के बाद नॉर्वे पहुंचे पीएम मोदी, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत
ओस्लो (नॉर्वे): भारत और नॉर्वे के राजनयिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी द्विपक्षीय यात्रा और तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुंचे। लगभग चालीस साल से भी अधिक समय के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला नॉर्वे दौरा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने पीएम मोदी का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया और इस यात्रा को दोनों देशों के बीच के रिश्तों के लिए एक मील का पत्थर बताया।
ग्रीन ट्रांजिशन और व्यापारिक साझेदारी पर रहेगा मुख्य जोर
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह जताया है। उनका मानना है कि भारत के प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल नॉर्वे बल्कि पूरे नॉर्डिक क्षेत्र और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इस यात्रा के दौरान पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों यानी ग्रीन ट्रांजिशन और मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के राष्ट्रप्रमुखों को उम्मीद है कि यह मुलाकात नई रणनीतिक साझेदारियों के रास्ते खोलेगी।
ओस्लो की सड़कों पर गूंजा भारत माता का जयकारा, प्रवासी भारतीयों में भारी उत्साह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओस्लो पहुंचने पर वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों का उत्साह सातवें आसमान पर दिखाई दिया। होटल के बाहर बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग तिरंगा थामे और स्वागत के नारे लगाते हुए उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी वहां पहुंचे, उन्होंने बेहद आत्मीयता के साथ मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर सभी समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया और उनके इस जबरदस्त उत्साह के लिए आभार व्यक्त किया।
भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान 19 मई को आयोजित होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में मुख्य रूप से शामिल होंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में इन देशों के साथ भारत के रिश्ते और अधिक मजबूत और प्रगाढ़ होने की उम्मीद है।
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