MP में गर्मी का कहर जारी, पारा 45° के पार; आधे से ज्यादा जिलों में लू का अलर्ट
भोपाल: मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की दोहरी मार झेल रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बढ़ रहे तापमान के साथ-साथ तीखी हीट वेव (लू) ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। रविवार को प्रदेश का राजगढ़ जिला सर्वाधिक तपिश वाला क्षेत्र रहा, जहाँ पारा रिकॉर्ड 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र के अनुसार, राज्य के आधे से अधिक हिस्सों में सूरज के तल्ख तेवर और गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आगामी चार से पांच दिनों के भीतर वायुमंडल के बदले मिजाज के कारण प्रदेश के कई इलाकों में पारे में और भी अधिक उछाल देखने को मिल सकता है।
ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड समेत 28 जिलों में लू का यलो अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के 28 प्रमुख जिलों में हीट वेव का यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इस चेतावनी के दायरे में ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर जैसे जिले शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में सोमवार को भी झुलसाने वाली गर्मी पड़ने की आशंका है, जहाँ दिन का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान जताया गया है।
भोपाल में धूल और निर्माण कार्यों से बढ़ी 'रियल फील' वाली तपिश
राजधानी भोपाल की बात करें तो यहाँ रविवार को सरकारी आंकड़ों में अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन हवा में मौजूद शुष्कता और कंक्रीट के प्रभाव के कारण लोगों को वास्तविक अहसास करीब 44 डिग्री सेल्सियस वाली चुभती गर्मी का हुआ। शहर में बड़े पैमाने पर चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों और हवा में उड़ती धूल के कणों की वजह से भी यहाँ का वातावरण सामान्य से अधिक गर्म और दमघोंटू महसूस हो रहा है, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रतलाम और खजुराहो भी तपे, प्रमुख महानगरों में दर्ज हुआ भारी तापमान
बीते रविवार को प्रदेश के करीब 16 जिलों में पारा 43 डिग्री के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। राजगढ़ के बाद मालवा अंचल का रतलाम जिला 44.8 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरा सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि निमाड़ के खंडवा और पर्यटन नगरी खजुराहो में भी पारा 44 डिग्री के ऊपर ही बना रहा। राज्य के अन्य बड़े महानगरों की स्थिति देखें तो उज्जैन में 43 डिग्री, इंदौर में 42.8 डिग्री, ग्वालियर में 42.6 डिग्री और जबलपुर में 42.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जिससे पूरे राज्य में तंदूर जैसी स्थिति निर्मित हो गई है।
21 मई तक नौतपा जैसी स्थिति, डॉक्टरों ने दी दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि फिलहाल इस भीषण तपिश से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है और आगामी 21 मई तक प्रदेशभर में तापमान में वृद्धि का यह सिलसिला अनवरत जारी रहेगा। अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों में नौतपा जैसी झुलसाने वाली स्थिति बनी रहेगी और गर्म हवाओं के थपेड़े और तेज हो जाएंगे। इस जानलेवा हीट वेव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने आम जनता को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
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