लखनऊ कचहरी पर चला बुलडोजर: हाईकोर्ट के आदेश पर 100 से अधिक वकील चैंबर ध्वस्त
लखनऊ। लखनऊ में रविवार को न्याय के गलियारों में प्रशासन का बुलडोजर गरजा, इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद नगर निगम ने कचहरी और स्वास्थ्य भवन परिसर के बाहर दशकों से जमे अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान के तहत 100 से अधिक वकील चैंबरों समेत कुल 200 से अधिक अवैध ढांचों को चिन्हित कर ध्वस्त किया गया, जिससे इलाके में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई। रविवार सुबह से ही नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। यह अभियान कोर्ट परिसर के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर चलाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से अवैध कब्जों के कारण न सिर्फ आवागमन में बाधा आ रही थी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। इस कार्रवाई की जद में मुख्य रूप से वकीलों के चैंबर और अन्य छोटी दुकानें आईं। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि 200 से अधिक अवैध कब्जों को चिन्हित किया गया है, और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी अतिक्रमण हटा नहीं दिए जाते। इससे पहले नगर निगम ने इन अवैध कब्जों पर लाल क्रॉस के निशान लगाकर नोटिस चस्पा किए थे और अतिक्रमणकारियों को 16 मई तक स्वयं कब्जा हटाने का समय दिया था। चेतावनी दी गई थी कि समय सीमा समाप्त होने के बाद 17 मई को प्रशासन कार्रवाई करेगा और उसका खर्च अतिक्रमणकारियों से वसूला जाएगा। हालांकि, इस बुलडोजर कार्रवाई का वकीलों ने जोरदार विरोध किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर एकत्र हुए और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। वकीलों का कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उनके चैंबर हटाना उनके कामकाज को सीधा प्रभावित करेगा और उन्हें रोजी-रोटी के संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए रोष व्यक्त किया। प्रशासन की टीम मौके पर डटी हुई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और सार्वजनिक हित में यह अभियान जारी रहेगा, भले ही इसे लेकर वकीलों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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