बदलते युद्ध स्वरूप पर अमेरिका का बड़ा बयान, ड्रोन तकनीक के साथ कदम मिलाना बताया जरूरी
वॉशिंगटन | अमेरिकी सेना ने देश की संसद (कांग्रेस) को आगाह किया है कि ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मानव रहित (अनमैन्ड) प्रणालियां आधुनिक युद्धक्षेत्र की तस्वीर को बहुत तेजी से बदल रही हैं। सैन्य नेतृत्व के अनुसार, यूक्रेन संकट ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य के युद्धों में कम लागत वाले, भारी तादाद में इस्तेमाल होने वाले और बिना इंसानी नियंत्रण वाले हथियारों की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। अमेरिकी कांग्रेस की 'हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी' के समक्ष बयान देते हुए सेना सचिव डैनियल ड्रिस्कॉल ने जोर देकर कहा कि सामरिक बदलाव की यह रफ्तार ऐतिहासिक है और जो सैन्य बल वक्त के साथ खुद को नहीं ढालेंगे, वे अप्रासंगिक हो जाएंगे।
ड्रोन और एआई से बदलती युद्ध की रणनीति
सेना सचिव ड्रिस्कॉल के मुताबिक, आधुनिक ड्रोन बेहद किफ़ायती, सटीक और बहुउद्देशीय हैं, जो इंसानी जंग के तौर-तरीकों को बुनियादी रूप से बदल रहे हैं। अमेरिकी सेना अब तेजी से ऐसे सिस्टम तैयार करने में जुटी है जो एआई, स्वचालन (ऑटोमेशन) और आधुनिक कमांड नेटवर्क से लैस हों। मुख्य रूप से इन तैयारियों का केंद्र हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में भविष्य की संभावित चुनौतियों से निपटना है। वर्ष 2027 के सैन्य बजट पर हुई इस बजटीय सुनवाई में जनरल क्रिस्टोफर लानेव ने भी माना कि यूक्रेन और मध्य पूर्व के संघर्षों से सबक लेते हुए अमेरिकी सेना अपनी ट्रेनिंग और रणनीति में बड़े बदलाव कर रही है।
'ऑपरेशन जेलब्रेक' और सूचनाओं का आदान-प्रदान
भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए अमेरिकी सेना ने फोर्ट कार्सन में 'ऑपरेशन जेलब्रेक' नामक एक विशेष परियोजना शुरू की है। इसके तहत रक्षा कंपनियां और सैन्य इंजीनियर मिलकर उन तकनीकी व सॉफ्टवेयर बाधाओं को दूर कर रहे हैं, जो विभिन्न सैन्य प्रणालियों के बीच डेटा और जरूरी जानकारी साझा करने में अड़चन बनती हैं। अधिकारियों का मानना है कि युद्ध के दौरान एक हिस्से से मिली जानकारी तुरंत पूरी सेना तक पहुंचनी चाहिए। इसके अलावा, ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक हमलों की तेज रफ्तार का मुकाबला करने के लिए इंसानी क्षमता के साथ-साथ एआई का सहारा लेना अब अनिवार्य हो गया है।
बड़े पैमाने पर उत्पादन की अमेरिकी रणनीति
सुनवाई के दौरान जब सांसदों ने छोटे ड्रोन के बजट में कटौती और सेना की गंभीरता पर सवाल उठाए, तो अधिकारियों ने देश की अनूठी रणनीति को सामने रखा। सांसद यूजीन विंडमैन की चिंताओं का जवाब देते हुए ड्रिस्कॉल ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का लक्ष्य शांति के समय में लाखों ड्रोन का स्टॉक खड़ा करना नहीं है। इसके बजाय, वाशिंगटन एक ऐसा मजबूत औद्योगिक ढांचा तैयार कर रहा है, जो युद्ध की स्थिति उत्पन्न होते ही बेहद कम समय में बड़े पैमाने पर ड्रोन का उत्पादन शुरू कर सके। उन्होंने उदाहरण दिया कि भले ही रूस और यूक्रेन लाखों की संख्या में ड्रोन बना रहे हों, लेकिन अमेरिका जरूरत पड़ने पर बहुत तेजी से उस स्तर को पार करने की क्षमता विकसित कर रहा है।
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