इजराइल ने इराक में बनाया गुप्त सैन्य ठिकाना? सूत्रों के दावे से मचा हड़कंप
Washington: ईरान के खिलाफ चल रहे हवाई हमलों के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमेरिकी सूत्रों के मुताबिक, इजराइल ने इराक के सुनसान रेगिस्तानी इलाके में एक गुप्त सैन्य ठिकाना (Secret Base) बनाया था। यह ठिकाना इतना गोपनीय था कि इसकी जानकारी बहुत ही कम लोगों को थी। इजराइल ने इस बेस का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने वाले अपने लड़ाकू विमानों की मदद और आपातकालीन स्थितियों के लिए किया था।
ईरान पर हमले के लिए बना था 'लॉजिस्टिक हब'
इजराइल से ईरान की दूरी लगभग 1,000 मील है, जो हवाई हमलों के लिए बहुत लंबी दूरी मानी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल ने युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका की सहमति से इस बेस का निर्माण किया था। यहाँ इजराइल की स्पेशल फोर्स और 'सर्च-एंड-रेस्क्यू' टीमें तैनात थीं। इनका मुख्य काम यह था कि अगर ईरान पर हमले के दौरान किसी इजराइली पायलट का विमान क्रैश हो जाए, तो उसे तुरंत वहां से सुरक्षित निकाला जा सके।
इराकी सैनिकों ने खोज लिया था ठिकाना, हुआ हमला
यह सीक्रेट बेस मार्च की शुरुआत में लगभग पकड़ा ही गया था। एक स्थानीय चरवाहे की सूचना पर जब इराकी सेना जांच करने पहुंची, तो वहां मौजूद इजराइली सुरक्षा तंत्र ने उन्हें पीछे हटाने के लिए हवाई हमला कर दिया। इस हमले में एक इराकी सैनिक की मौत हो गई। शुरुआत में इराक ने इस हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए संयुक्त राष्ट्र में शिकायत भी की थी, लेकिन बाद में अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया कि इस मिशन में उनका हाथ नहीं था।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है यह इलाका
इराक का पश्चिमी रेगिस्तानी इलाका काफी विशाल और कम आबादी वाला है, जो इसे गुप्त सैन्य गतिविधियों के लिए मुफीद बनाता है। जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने भी 1991 और 2003 के युद्धों में ऐसे ठिकानों का इस्तेमाल किया था। इजराइली वायु सेना के प्रमुख ने भी हाल ही में अपने सैनिकों को लिखे पत्र में ऐसे 'कल्पना से परे' सीक्रेट मिशनों का जिक्र किया था, जो अब धीरे-धीरे दुनिया के सामने आ रहे हैं।
गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही से पूर्ण हों सभी सेतु निर्माण परियोजनाएं : लोक निर्माण मंत्री सिंह
संतों की वाणी से बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बुलडोजर कार्रवाई पर बयान पड़ा भारी, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज
असम में बाढ़ का कहर, 50 लोगों की मौत; 40 अब भी लापता, हालात बेहद गंभीर
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, इराक में धमाके और वेस्ट बैंक में खूनी संघर्ष
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, सरकार से बातचीत कल फिर होगी
जेपी अस्पताल में हंगामा, 21 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद आत्मदाह की चेतावनी
विवाहित बेटियों के हक में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, अनुकंपा नियुक्ति से नहीं किया जा सकता वंचित
चीन-फिलीपींस समुद्री विवाद फिर सुर्खियों में, वॉटर कैनन घटना पर दुनिया की नजर