टोल का नया नियम: 1 अप्रैल से कैश बंद, जानें कैसे होगा भुगतान
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही देशभर के वाहन चालकों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आ रहा है। 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर टोल टैक्स में बढ़ोतरी लागू हो रही है और साथ ही कैश पेमेंट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब यात्रियों को केवल FASTag या ऑनलाइन माध्यम से ही भुगतान करना होगा।
अब तक कई लोग टोल प्लाजा पर कैश देकर निकल जाते थे, लेकिन नए नियम के बाद ऐसा करना संभव नहीं होगा। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए चुनौती बन सकता है, जो अभी भी डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल नहीं करते। ऐसे में यात्रा से पहले FASTag रिचार्ज रखना जरूरी हो जाएगा, नहीं तो रास्ते में परेशानी हो सकती है।
टोल टैक्स में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा हर साल की तरह इस बार भी टोल टैक्स में बढ़ोतरी की गई है। इस बार यह बढ़ोतरी करीब 5 से 10 प्रतिशत तक रखी गई है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
जबलपुर, नागपुर, रायपुर, भोपाल और प्रयागराज जैसे प्रमुख मार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को अब पहले से ज्यादा पैसा देना होगा। जानकारी के अनुसार, कई टोल प्लाजा पर कार चालकों को 5 से 10 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। छोटे लगने वाले ये बदलाव लंबी यात्रा में बड़ा खर्च बन सकते हैं।
अब नहीं चलेगा कैश, FASTag और ऑनलाइन पेमेंट अनिवार्य
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यानी अगर आपके पास FASTag नहीं है या उसमें बैलेंस नहीं है, तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार का उद्देश्य डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करना है। FASTag के जरिए भुगतान करने से समय की बचत होती है और ट्रैफिक भी कम होता है। लेकिन जिन लोगों ने अभी तक FASTag नहीं बनवाया है, उनके लिए यह बदलाव मुश्किल खड़ी कर सकता है।
सालाना पास भी महंगा, अब देना होगा ज्यादा पैसा
टोल टैक्स बढ़ने के साथ-साथ सालाना पास की कीमत भी बढ़ा दी गई है। FASTag के जरिए बनने वाले इस पास में करीब 75 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
पहले जहां कार के लिए सालाना पास 3000 रुपये का था, अब इसे बढ़ाकर 3075 रुपये कर दिया गया है। इस पास में 200 टोल क्रॉसिंग की सीमा होती है। यानी जो लोग रोजाना एक ही रूट पर यात्रा करते हैं, उनके लिए यह पास थोड़ा महंगा हो गया है।
किन सड़कों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा
इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना या अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं। खासतौर पर जबलपुर से नागपुर, रायपुर, भोपाल और प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को अब ज्यादा खर्च उठाना होगा।
इसके अलावा जबलपुर से दमोह और सागर रोड पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यहां की सड़कें अभी पूरी तरह विकसित नहीं हैं, लेकिन टोल वसूली जारी है। इसी वजह से वाहन चालकों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
सड़क की स्थिति पर उठ रहे सवाल
टोल टैक्स बढ़ने के साथ ही सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कई वाहन चालकों का कहना है कि हर साल टोल टैक्स बढ़ता है, लेकिन सड़कें उसी हिसाब से बेहतर नहीं होतीं।
भोपाल रोड की हालत को लेकर खासतौर पर शिकायतें सामने आई हैं। वहीं जबलपुर से पाटन, तेंदूखेड़ा और गोटेगांव मार्ग पर भी लोग टोल वसूली को लेकर नाराज हैं। लोगों का कहना है कि अगर सुविधा बेहतर नहीं मिल रही, तो टोल बढ़ाना सही नहीं है।
क्या है टोल बढ़ोतरी का आधार
NHAI के अनुसार टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय की जाती हैं। इसके अलावा सड़क की लंबाई, फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल जैसी सुविधाओं को भी ध्यान में रखा जाता है। जहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होता है, वहां टोल टैक्स भी ज्यादा होता है। लेकिन कई जगहों पर लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि सुविधाएं पूरी नहीं हैं, फिर भी टोल बढ़ाया जा रहा है।
एनएचएआई के पीडी अमृत लाल साहू के अनुसार, 1 अप्रैल से टोल दरों में औसतन करीब 5 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। कार चालकों को लगभग 5 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा, जबकि अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। उन्होंने बताया कि टोल नाकों पर यात्री सुविधाओं को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है।
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