बिना रन, बिना विकेट और बिना कैच के भी बना प्लेयर ऑफ द मैच, जानिए वजह
किसी भी क्रिकेटर के लिए एक मैच का सबसे बड़ा अवार्ड प्लेयर ऑफ द मैच का होता है. इसी वजह से ये अवार्ड किसी भी खिलाड़ी के लिए खास हो जाता है. आमतौर ये अवार्ड उन खिलाड़ियों को दिया जाता है, जो मैदान पर बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं, चाहे वो बल्ले से हो या गेंद से. हालांकि, कभी-कभी फील्डिंग में भी जादुई परफॉर्मेंस के लिए भी ये अवार्ड मिल जाता है, लेकिन क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा भी खिलाड़ी है, जिसके बल्ले से न तो एक रन बनाया, न ही उसने गेंदबाजी करते हुए एक विकेट चटकाया और तो और फील्डिंग में भी कुछ खास नहीं किया था. इसके बावजूद प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था. यहां हम इस क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके प्लेयर ऑफ द मैच बनने के पीछे की बड़ी दिलचस्प कहानी है|
कैमरन कफी को चुना गया था प्लेयर ऑफ द मैच
वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज कैमरन कफी ने साल 2001 में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता था. कफी जिम्बाब्वे के खिलाफ एक वनडे मैच में प्लेयर ऑफ द मैच बने थे. दरअसल, कफी को ये अवॉर्ड उनकी गेंदबाजी में किए खास प्रदर्शन के लिए मिला था. हुआ यूं कि कैमरन कफी ने मुकाबले में सबसे किफायती गेंदबाजी की, जिस वजह से उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया था. इस मुकाबले में भले ही कफी ने विकेट नहीं लिया था, लेकिन उनकी धारदार गेंदबाजी के सामने बल्लेबाजों के लिए रन बनाना बेहद मुश्किल साबित हुआ था. उन्होंने 10 ओवर में सिर्फ 20 रन दिए, जिसमें दो मेडन ओवर भी शामिल थे. उनकी इस गेंदबाजी ने वेस्टइंडीज के पक्ष में नतीजा तय करने में अहम भूमिका निभाई थी|
ऐसा रहा था इस मैच का हाल
हरारे में खेले गए इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 266 रन बनाए. जवाब में, वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को नौ विकेट पर 239 रन पर ही रोक दिया और 27 रन से मैच अपने नाम कर लिया था. जिम्बाब्वे ने जीत के लिए बहुत मेहनत की, लेकिन वे कफी ही थे, जिन्होंने विकेट न मिलने के बावजूद रन देने में कंजूसी दिखाई और वेस्टइंडीज को जीत दिलाई|
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