होर्मुज स्ट्रेट भारत के लिए ही खुला – हरदीप पुरी ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया
Loksabha Session: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज कर दिया गया. इस पर सदन में भारी बहस और हंगामे देखने को मिले, लेकिन ध्वनि मत (Voice Vote) से खारिज कर दिया गया. पिछले चार दशकों में यह पहली बार था जब किसी स्पीकर को पद से हटाने के लिए ऐसा प्रस्ताव लाया गया. गुरुवार यानी कि 12 मार्च को ओम बिरला फिर से सदन में लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान हुए. हालांकि, सदन की शुरु होते ही हंगामे की वजह से दिन के बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
Parliament Session Update:-
- ‘भारत को इजाज़त की ज़रूरत क्यों है?’ राहुल का केंद्र पर हमला
लोकसभा के LoP ने आगे कहा कि, “हर देश की नींव उसकी एनर्जी सिक्योरिटी होती है; अलग-अलग तेल सप्लायर के साथ हमारे रिश्ते तय करने के अधिकार की अदला-बदली की गई है.” - राहुल गांधी ने लोकसभा में ईरान विवाद का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जंग चल रही है; इस जंग के दूरगामी नतीजे होंगे. राहुल ने मिडिल ईस्ट संकट पर बात करते हुए होर्मुज स्ट्रेट का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट, वह सेंट्रल रास्ता जहां से दुनिया का 20% तेल बहता है, बंद है; इसके बहुत बुरे नतीजे होंगे.” - एलपीजी के दाम पर विरोध
संसद में लोकसभा के अंदर विपक्षी सांसदों की तरफ़ से, जहां वो बैठते हैं वहां से बर्तन बजाने की आवाज़ सुनाई दी है. विपक्षी सांसद बढ़े हुए एलपीजी के दाम को लेकर लोकसभा सदन में विरोध कर रहे थे. सदन के भीतर प्लेट बजाने की आवाज़ सुनाई दी दोपहर 2.25 बजे. उस वक्त स्पीकर चेयर पर बैठी संध्या राय ने विपक्षी सांसदों को टोकते हुए कहा कि ये ठीक नहीं. - चुप्पी डिप्लोमेसी नहीं है: वेस्ट एशिया विवाद पर कांग्रेस के परम्बिल
केरल के INC के शफील परम्बिल ने कहा कि ट्रेजरी बेंच ने आज सुबह तक सप्लीमेंट्री ग्रांट की डिटेल्ड मांगों को सर्कुलेट नहीं किया, जो प्रोसीजर के नियमों के खिलाफ है. उन्होंने कहा, ‘प्रोसीजर के नियम सिर्फ विपक्ष पर लागू नहीं होते. हमारी करेंसी एशिया में सबसे खराब परफॉर्म करने वाली करेंसी है.’ उन्होंने विवाद की वजह से वेस्ट एशिया में फंसे भारतीयों की मदद करने में सरकार के शामिल होने पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा, ‘इस संकट में, चुप्पी डिप्लोमेसी नहीं; यह पूरी तरह सरेंडर है. सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार में बिज़ी हैं.’ - ईरान संकट के गहराते साये के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है, जिसके मद्देनजर अब चार मंत्रालयों की महत्वपूर्ण जॉइंट ब्रीफिंग शाम 5:30 बजे आयोजित की जाएगी. इस पूरे संकट पर गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गठित एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय मंत्री समूह पैनी नजर बनाए हुए है, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी भी शामिल हैं. यह पावरफुल समूह अब तक कई दौर की रणनीतिक बैठकें कर चुका है. आने वाले समय में ये तीनों मंत्रालय अन्य संबंधित विभागों और राज्य सरकारों के साथ मिलकर देश की सुरक्षा एवं ऊर्जा हितों की रक्षा के लिए समन्वय स्थापित करेंगे.
- लंच के बाद पार्लियामेंट फिर से शुरू हुई. ब्रेक के बाद लोकसभा और राज्यसभा फिर से शुरू हुईं. राज्यसभा में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSCs), टूरिज्म और आर्कियोलॉजी, और कम्युनिकेशन कनेक्टिविटी पर चर्चा होनी है. लोकसभा में वोटिंग से पहले ग्रांट की सप्लीमेंट्री डिमांड पर चर्चा हुई.
- सदन का नेता हो या विपक्ष का नेता या कोई भी मंत्री, नियम से चलना होगा- ओम बिरला
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि चाहे सदन का नेता हो या विपक्ष का नेता या कोई भी मंत्री, सभी को नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार सदन में बोलने का अधिकार है. कुछ लोगों का मानना था कि विपक्ष का नेता हमेशा बाकियों से ऊपर रहा है और किसी भी विषय पर बोल सकता है; किसी को यह विशेष अधिकार नहीं है. - ‘किसी भी माइक को चालू या बंद करने के लिए चेयर के पास कोई बटन नहीं है’: स्पीकर ओम बिरला
स्पीकर ओम बिरला ने अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि मेंबर के माइक को अपनी मर्ज़ी से कंट्रोल करने और अपोज़िशन के माइक बंद करने के आरोपों पर बात करते हुए कहा कि चेयर के पास माइक को कंट्रोल करने के लिए कोई बटन नहीं है. उन्होंने कहा कि मेंबर तभी बोल सकते हैं जब उनकी बारी हो. अपोज़िशन की महिला MPs के विरोध के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह फैसला संसद की गरिमा की रक्षा के लिए किया, जब MPs प्लेकार्ड लेकर ट्रेजरी बेंच पर चढ़ गए. - स्पीकर ओम बिरला ने कल अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बात की. उन्होंने 10 मार्च, 2026 को अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बात करते हुए कहा कि वह पार्लियामेंट के सभी सदस्यों के आभारी हैं कि उन्होंने उनके काम में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि वह पार्लियामेंट में संवैधानिक गरिमा बनाए रखेंगे. इस आरोप का जवाब देते हुए कि स्पीकर ने विपक्ष को बोलने नहीं दिया, उन्होंने कहा कि सदन नियमों और कानूनों का पालन करता है जिसके तहत बोलने से पहले स्पीकर की इजाजत लेना जरूरी है. बिरला ने कहा कि पार्लियामेंट में पेश करने से पहले सभी तस्वीरों, प्रिंटेड चीजों, कोट्स और डॉक्यूमेंट्स को स्पीकर की मंजूरी लेनी होगी. उन्होंने इशारा किया कि विपक्ष ने इस नियम का पालन नहीं किया, जिससे उन्हें मुश्किल फैसले लेने पड़े.
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