35 साल बाद अपने गांव पहुंचीं लता उसेंडी, बोलीं– नक्सल का अंधेरा छंट रहा
कोंडागांव।भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक लता उसेंडी करीब 35 साल बाद अपने बचपन के गांव बेचा पहुंचीं. यह वही गांव है जहां उनका बचपन बीता, जहां की मिट्टी में खेलकर और नदी का पानी पीकर वे बड़ी हुई।
35 साल बाद अपने गांव पहुंची लता उसेंडी
कोंडागांव विधायक लता उसेंडी करीब 35 साल बाद अपने गांव बेचा पहुंची. उन्होंने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय मंगल राम उसेंडी के साथ बिताया गया समय आज भी उनकी सबसे बड़ी याद है. लेकिन नक्सल आतंक के कारण लंबे समय तक वे अपने ही गांव से दूर रहीं. बेचा गांव उन इलाकों में रहा है. जिसने चार दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेला. सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से यहां के लोग लंबे समय तक वंचित रहे।
नक्सल का अंधेरा छंट रहा – लता उसेंडी
लता उसेंडी ने 32 साल बाद अपने गांव की यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साझा किया है. पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने बताया कि 35 साल बाद मैं उस गांव में हूं जहां मेरा बचपन बीता है. ग्राम पंचायत “बेचा” जिसकी मिट्टी में खेल कर इसकी नदी का स्वच्छ जल पी कर यहाँ के लोगो के साथ घुल मिल कर हम बड़े हुए. हमारे परिवार का एक स्वर्णिम समय यहां हमारे पूज्य पिता जी स्व श्री मंगल राम उसेण्डी जी के साथ बीता . अनेकों बार इच्छा सताती थी कि बेचा जाऊ, वहां कुछ समय बिताऊ, वहां रह रहे अपने लोगो से मिले. मगर नक्सल आतंक ने हमसे हमारे बचपन की और पूज्य पिता जी के साथ जुड़ी यादों से दूर कर रखा था. नमन है नरेंद्र मोदी, अमित शाह के दृणसंकल्प को जिनके नेतृत्व में हमारे मुखिया विष्णु देव साय जी व हमारे ऊर्जावान उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जी कंधे से कंधा मिला कर नक्सली समस्या के जड़ से खात्मे का कार्य कर रहे हैं, और यह कार्य अब पूर्णतः की ओर है।
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