इजराइली राष्ट्रपति सिडनी पहुंचे, कुछ समूह और आम लोग इस यात्रा का कर रहे विरोध
सिडनी। इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग सोमवार को सिडनी पहुंचे। उनका चार दिन का ऑस्ट्रेलिया दौरा पिछले साल दिसंबर में बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले के बाद यहूदी समुदाय के प्रति समर्थन दिखाने के लिए है। हालांकि फिलिस्तीनियों को लेकर इजराइल को लेकर विवाद भी हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक बयान में हर्जोग ने कहा कि वह पूरे ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदायों का दौरा करेंगे ताकि हमले के बाद समुदाय के प्रति एकजुटता व्यक्त कर सकें और उन्हें ताकत दे सकें।
रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर-जनरल और पीएम के निमंत्रण पर आए हर्ज़ोग अपने दौरे में यहूदी समुदाय के नेताओं के साथ कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके अलावा, उनकी वरिष्ठ राजनेताओं से भी मुलाकात हो सकती है। दूसरी ओर फिलिस्तीनियों को लेकर इजराइल की नीतियों और कार्रवाइयों के विरोध में ऑस्ट्रेलिया में समूहों और आम लोगों ने इस यात्रा का विरोध कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई यहूदियों और लोगों ने एक खुला पत्र लिखकर कहा है कि हर्ज़ोग यहां स्वागत योग्य नहीं हैं।
हर्ज़ोग की जिन शहरों में यात्रा तय है, वहां विरोध प्रदर्शन किए जाने की योजना है। इनमें कैनबरा और मेलबर्न भी शामिल हैं। सिडनी में सोमवार शाम शहर के केंद्र में रैली और मार्च निकाले जाने की तैयारी है। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। न्यू साउथ वेल्स राज्य में हर्ज़ोग की यात्रा के समय 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जिनमें से करीब 500 पुलिसकर्मी केवल प्रस्तावित प्रदर्शन की सुरक्षा में लगाए जाएंगे। बता दें पिछले साल 14 दिसंबर को सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार के जश्न में गोलीबारी हुई थी। इस हमले में 16 लोगों की मौत हो गई थी।
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट स्थिर रखने का फैसला किया
एमपी नगर में ट्रैफिक सिस्टम फेल, रोजाना जाम से लोग परेशान
मौसम का रुख बदला: केदारनाथ और यमुनोत्री में बर्फ़बारी, ठिठुरन बढ़ी
अंबिकापुर में 'लखपति दीदी' योजना से महिलाओं को नई पहचान मिली
सीजफायर कुछ घंटे भी नहीं टिका: UAE-कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला, ईरान में बड़ा धमाका
अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत का बयान: समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
सभी रेलवे स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा
क्यों मनाया जाता है विश्व होम्योपैथी दिवस? जानें इसका इतिहास
मौसम बदलते ही डायबिटीज मरीजों पर बढ़ता खतरा, ऐसे रखें अपना ध्यान