ऑक्सफोर्ड की रिपोर्ट: 2050 तक गर्मी से उबलने लगेगी धरती, 4 अरब लोगों का मिट जाएगा अस्तित्व!
लंदन। सूरज की तपिश आने वाले दशकों में इस कदर कहर बरपाएगी कि इंसानी बस्तियां भट्टी में तब्दील हो जाएंगी। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक ताजा और बेहद चिंताजनक रिसर्च के अनुसार, वर्ष 2050 तक दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत आबादी, यानी करीब 4 अरब लोग ऐसी जानलेवा गर्मी का सामना करेंगे, जिसे सह पाना मानव शरीर के लिए नामुमकिन होगा और उनका अस्तित्व पर संकट आ जाएगा। वैज्ञानिकों ने इस रिपोर्ट को 2026 की सबसे खौफनाक चेतावनी बताते हुए स्पष्ट किया है कि हम एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं जहां धरती पानी की तरह उबलने लगेगी।
ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से भारत, नाइजीरिया और इंडोनेशिया के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन देशों में गर्मी का सबसे वीभत्स रूप देखने को मिलेगा। जब पारा 45 से 50 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाएगा, तब मानव शरीर के अंदरूनी अंग खुद को ठंडा रख पाने में विफल होने लगेंगे, जिससे बड़े पैमाने पर ऑर्गन फेलियर का खतरा बढ़ जाएगा। भारत के संदर्भ में यह स्थिति और भी भयावह है क्योंकि यहां की एक विशाल आबादी के पास एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में गर्मी से होने वाली मौतों का आंकड़ा किसी बड़ी सुनामी की तरह विनाशकारी होगा।
आंकड़े बताते हैं कि साल 2010 में जहां केवल 1.5 अरब लोग इस खतरे के दायरे में थे, वहीं 2050 तक यह संख्या दोगुनी से भी अधिक होकर 3.8 अरब तक पहुंच जाएगी। यह संकट केवल गर्म देशों तक सीमित नहीं रहेगा। रूस, कनाडा और फिनलैंड जैसे ठंडे देशों के लिए भी यह गैस चैंबर जैसी स्थिति पैदा करेगा। इन देशों के घर और बुनियादी ढांचा सर्दी से बचाव के लिए बने हैं, जो भीषण गर्मी को सोखकर घरों के अंदर का तापमान और अधिक बढ़ा देंगे। ऑक्सफोर्ड की प्रमुख शोधकर्ता राधिका खोसला ने चेतावनी दी है कि यदि वैश्विक तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की सीमा पार होती है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी। फसलें जलकर राख हो जाएंगी, जिससे वैश्विक स्तर पर भुखमरी और खाद्य संकट पैदा होगा। रिपोर्ट के अनुसार, रहने लायक सुरक्षित ठिकानों की तलाश में करोड़ों लोग पलायन करने को मजबूर होंगे, जिससे दुनिया भर में सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता पैदा होगी। यह रिपोर्ट स्पष्ट संदेश देती है कि यदि अभी कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाला समय केवल आग और धुएं की पहचान बनकर रह जाएगा।
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Supreme Court of India ने CISF कांस्टेबल बहाली मामले में केंद्र की अपील खारिज की
पारदर्शी आबकारी नीति से सरकार की कमाई में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
लोकसभा सीटों में 50% वृद्धि से उत्तरी राज्यों को बढ़त, दक्षिण भारत को संभावित नुकसान
Madhya Pradesh High Court की सख्ती, डॉक्टर को रिश्वत मामले में फटकार
दोस्त की हत्या कर शव घर में दबाया, फिर भूत के डर से आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
बंगाल में सियासी पारा चढ़ा: अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ 14 आरोपों की चार्जशीट जारी की