अजित पवार के बाद राकांपा का क्या होगा: शरद गुट से होगी सुलह या नया रास्ता अपनाएगी पार्टी
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया और महाराष्ट्र के छह बार के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) का बुधवार सुबह एक विमान हादसे (plane crash) में निधन हो गया। सियासत में अजित पवार की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे महाराष्ट्र (Maharashtra) में सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं। हालांकि, उनके निधन के बाद अब उनके नेतृत्व वाली राकांपा के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
राकांपा का आगे क्या होगा? क्या अजित पवार के बिना संभल सकती है राकांपा? अजित और शरद पवार के बीच चल रही सुलह की कोशिशों का क्या होगा? राकांपा का नया चेहरा कौन होगा? राकांपा की तरफ से डिप्टी सीएम कौन हो सकता है? आइये जानते हैं…
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का आगे क्या होगा?
विमान हादसे में राकांपा प्रमुख के असामयिक निधन के बाद राकांपा का भविष्य अनिश्चितता और राजनीतिक संकट के दौर में है।
1. नेतृत्व और उत्तराधिकार को लेकर क्या चुनौती
अजीत पवार के गुट (जिसे चुनाव आयोग ने आधिकारिक राकांपा माना है) के पास महाराष्ट्र विधानसभा में मौजूदा समय में 41 विधायक हैं। इसके अलावा पार्टी का लोकसभा में एक सांसद भी है। ऐसे में उनके उत्तराधिकारी को लेकर कई संभावनाएं हैं…
उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार (राज्यसभा सांसद) या उनके बेटों- पार्थ और जय पवार को उनकी विरासत संभालने के लिए आगे लाया जा सकता है। हालांकि, पार्थ पवार पहले चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें चुनाव में हार मिली थी। इसके बाद से ही वे महाराष्ट्र की राजनीति में उतने सक्रिय नहीं रहे हैं, ऐसे में उनमें अपने पिता जैसी राजनीतिक कुशलता और जमीनी पकड़ जैसे कौशलों को लेकर अभी कुछ अनसुलझे सवाल हैं।
2. जो राकांपा टूटकर अलग हुई, उसके विलय की क्या संभावना
अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों- राकांपा और राकांपा (एसपी) के विलय की अटकलें तेज हो गई हैं।
हाल ही में इसके संकेत भी मिले हैं। कुछ दिन पहले ही दोनों गुटों ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों के लिए गठबंधन कर चुनाव लड़ा था।
माना जा रहा है कि शरद पवार अपने पोते (पार्थ और जय) और अजित गुट के नेताओं को फिर से साथ लाकर पार्टी को एकजुट करने का प्रयास कर सकते हैं।
सूत्रों का दावा है कि दोनों गुटों को साथ लाने की कोशिश जारी थी। इसे लेकर अजित और शरद पवार के बीच चर्चा भी हुई थी। यहां तक कि शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी हाल ही में दोनों दलों के साथ आने का दावा किया था।
3. क्या शरद पवार निभाएंगे भतीजे की राकांपा में कोई भूमिका?
मूल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जिसके बाद में दो हिस्से हुए, उसकी स्थापना शरद पवार की ओर से की गई थी। मौजूदा समय में अजित पवार की राकांपा में जो चेहरे हैं, वे भी कभी शरद पवार के करीबी और उनकी पार्टी के नेता रहे हैं। ऐसे में शरद पवार, जिन्होंने 2026 के अंत तक राजनीति से अलग होने का संकेत दिया था, वह अब अपनी योजना में बदलाव पर विचार कर सकते हैं। खासकर पवार साम्राज्य को स्थिरता देने और सुप्रिया सुले और परिवार की अगली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए वे दोनों गुटों को एक करने की कोशिश कर सकते हैं।
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