चैतन्य बघेल पर शिकंजा, 15 सितंबर को पेश हो सकती है ईडी की चार्जशीट
रायपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की पेशी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रायपुर कोर्ट में हुई। अदालत ने उन्हें 15 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इसी तारीख को चैतन्य बघेल के खिलाफ चालान पेश कर सकती है।
घोटाले के आरोप:
ईडी का कहना है कि चैतन्य बघेल ने 16.70 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश किया। आरोप है कि उन्होंने ठेकेदारों को नगद भुगतान किया, फर्जी बैंक एंट्री की और त्रिलोक सिंह ढिल्लो के साथ मिलकर फर्जी फ्लैट खरीदकर 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने इस घोटाले से जुड़े 1000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष तक पहुंचाई।
2500 करोड़ का कथित घोटाला:
ईडी और एसीबी-ईओडब्ल्यू रायपुर की जांच में सामने आया कि 2019-20 में हुए शराब घोटाले से राज्य को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और लगभग 2500 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की गई।
गिरफ्तारी और रिमांड:
चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को ईडी ने दुर्ग से गिरफ्तार किया था। 23 अगस्त को उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत पर जेल भेजा गया। आज की पेशी के बाद उनकी रिमांड 15 सितंबर तक बढ़ा दी गई।
सियासी प्रतिक्रिया:
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने 22 जुलाई को छत्तीसगढ़ में आर्थिक नाकेबंदी की थी। रायपुर से लेकर बस्तर तक कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष पर सियासी प्रहार कर रही है।
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