मेकाज मेडिकल कॉलेज में 4 साल से एक ही कक्षा में पढ़ रहे छात्र ने की खुदकुशी
जगदलपुर/कानपुर। छत्तीसगढ़ के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज (स्व. बलिराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मेकाज) में पढ़ाई कर रहे कानपुर के एक एमबीबीएस छात्र ने परीक्षा से ठीक एक दिन पहले फांसी लगाकर जान दे दी। छात्र पिछले चार साल से लगातार बैक आने की वजह से परेशान था और डिप्रेशन में चल रहा था।
मृतक छात्र की पहचान 36 वर्षीय ज्ञानेन्द्र मिश्रा के रूप में हुई है, जो कानपुर के कल्याणपुर आवास विकास, अंबेडकरपुरम सेक्टर-6 का रहने वाला था। वह 2022 बैच का एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र था। परिवार में मां विनेश मिश्रा और बड़ा भाई सतेंद्र मिश्रा हैं। पिता अशोक कुमार मिश्रा का निधन 2005 में हो गया था।
भाई से बोला- "हार्ट में दिक्कत है"
गुरुवार रात बड़े भाई से फोन पर बातचीत के दौरान ज्ञानेन्द्र ने कहा कि उसे दिल में तकलीफ महसूस हो रही है। भाई ने चेकअप कराने की सलाह दी, लेकिन उस बातचीत से किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। शुक्रवार सुबह कॉलेज प्रबंधन ने परिवार को आत्महत्या की सूचना दी।
दीपावली पर ही जताया था दर्द
परिवार और दोस्तों के मुताबिक, पिछले साल दीपावली पर घर जाते समय उसने अपनी आलमारी बेच दी थी और कहा था- "अब मैं यहां नहीं आऊंगा, पढ़ाई नहीं हो पा रही है।" हालांकि घरवालों ने उसे समझाया कि एमबीबीएस का मौका आसानी से नहीं मिलता, मेहनत कर लो तो जिंदगी बन जाएगी। इसी वजह से वह दोबारा कॉलेज लौट आया था।
दोस्तों ने बताया- अकेले रहते थे, बेचैन थे
सहपाठियों का कहना है कि घटना की रात वे गणेश जी का प्रसाद देने उसके कमरे पहुंचे थे। उस समय ज्ञानेन्द्र अकेले पढ़ाई कर रहा था और काफी बेचैन नजर आ रहा था। कॉलेज के दो साथी जहां फाइनल ईयर में पहुंच चुके थे, वहीं वह अब भी पहले वर्ष में फंसा हुआ था। इसी वजह से वह दोस्तों से कट गया था।
परिवार का बयान
भाई सतेंद्र मिश्रा ने बताया कि ज्ञानेन्द्र तीन साल से लगातार बैक की वजह से परेशान था, लेकिन मां और परिवार ने कभी उस पर दबाव नहीं बनाया। हमेशा उसे मोटिवेट किया कि पढ़ाई जारी रखे। इसके बावजूद वह हताश हो गया।
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Supreme Court of India ने CISF कांस्टेबल बहाली मामले में केंद्र की अपील खारिज की
पारदर्शी आबकारी नीति से सरकार की कमाई में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
लोकसभा सीटों में 50% वृद्धि से उत्तरी राज्यों को बढ़त, दक्षिण भारत को संभावित नुकसान
Madhya Pradesh High Court की सख्ती, डॉक्टर को रिश्वत मामले में फटकार