पाकिस्तान पंजाब प्रांत में बारिश ने मचाई तबाही, अब तक 166 की मौत
लाहौर। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बारिश के कारण हुई मौतों की संख्या 166 हो गई है। सियालकोट और झेलम में दो और लोगों की मौत के बाद यह आंकड़ा बढ़ा है। इस दौरान प्रांत के कई शहरों में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है।
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक सियालकोट में सबसे ज्यादा 78 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद लाहौर में 43.4, गुजरांवाला में 36.8, चकवाल 23 मिमी, अटक 13.6, मंगला 12.2, गुजरात 10.6, नारोवाल, रावलकोट 4, इस्लामाबाद एयरपोर्ट 3.9 मिमी और मंडी बहाउद्दीन 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
प्रांतीय अधिकारियों ने 8 अगस्त के आंकड़ों के आधार पर बताया कि इस मानसून सीजन में 164 लोगों की मौत हुई है और 82 लोग घायल हुए। इसके अलावा पंजाब में 121 पशुधन मारे गए हैं और 216 घर नष्ट हो गए हैं। मॉडल टाउन, कोट लखपत, पेको रोड, टाउनशिप, ग्रीन टाउन, फैक्ट्री एरिया, मुस्लिम टाउन और गार्डन टाउन सहित कई इलाकों में जल जमाव की सूचना है। निश्तार पार्क स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बाढ़ के कारण ‘इंडिपेंडेंस फैमिली फन रेस’ को रद्द कर दिया गया है साथ ही बारिश के कारण लाहौर में 120 से अधिक फीडर ट्रिप होने से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने कई नदियों में निम्न-स्तरीय बाढ़ की चेतावनी जारी की है। वहीं सिंधु नदी पर चश्मा बैराज में निम्न-स्तर की बाढ़ की सूचना मिली है, लेकिन तरबेला, कालाबाग, तौनसा, गुड्डू, सक्खर और कोटरी बैराज में जल प्रवाह सामान्य है। रावी नदी के बसंतर नाले में मामूली बाढ़ है, लेकिन मुख्य धारा अप्रभावित है। कोह-ए-सुलेमान रेंज और डेरा गाजी खान डिवीजन में पहाड़ी नालों से बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। नदियों, नहरों और जलधाराओं के किनारे तैराकी और स्नान पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है और धारा 144 लागू कर दी गई है और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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