कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का विवादित बयान: हिंदू सांसदों को घाटी सौंपने की अपील
भोपाल: कश्मीर के पहलगाम में हुए हादसे से कश्मीर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में शोक और गुस्सा गुस्सा है. इस हमले में 26 निर्दोष लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे. इस दर्दनाक घटना को लेकर हर किसी की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. इस घटना को लेकर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बाद अब प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने इसको लेकर विवादित बयान दिया है.उन्होंने कहा कि यह कितनी दुखद घटना है. संसद भवन में बैठे हुए 200 हिंदू सांसद वक्फ बोर्ड के बिल के ऊपर पूरी रात बहस करते हैं और हिंदुओं के नाम पर कलंक बनकर बैठे हैं, उन्हें तो कश्मीर को सौंप देना चाहिए.
बिहार में चल रही कथा में जताया आक्रोश
पंडित प्रदीप मिश्रा ने यह बयान बिहार के मधेपुरा में चल रही कथा के दौरान पहलगाम में हुई घटना पर प्रतिक्रिया जताते हुए कही. उन्होंने कहा कि आतंकवादी हिंदू पहचान को लेकर कितने उत्पीड़क हो गए हैं. उन्होंने पहलगाम की घटना के साथ पश्चिम बंगाल की घटना का भी जिक्र किया.उन्होंने कहा कि वहां भी हिंदुओं को घर से निकालकर गोली मारी जा रही है. पहलगाम में भी यही हुआ. कितनी दुखद घटना है कि यह पूछा जा रहा है कि तुम हिंदू हो और गोली मारी जा रही है. उन्होंने सांसदों पर भी अपनी नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने के स्थान पर ये अपने हितों को देखते हैं.
बेटे-बेटी को सशक्त बनाएं, हर हिंदू घर में शास्त्र हो या न हो, लेकिन शस्त्र जरूर होना चाहिए
पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपनी कथा के दौरान कहा कि हिंदू घर में शास्त्र हो या न हो, लेकिन शस्त्र जरूर होना चाहिए. बेटे ही नहीं बल्कि बेटी को भी शस्त्र चलाना आना चाहिए. सनातन धर्म में कोई भी देवी-देवता बिना अस्त्र के नहीं हैं. इसलिए हमारा घर भी बिना शस्त्र का नहीं होना चाहिए.
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक