डेयरी उद्योग को मिलेगी मजबूती, सांची-NDDB ने मिलाया हाथ
मध्य प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) और मध्य प्रदेश राज्य सहकारी डेरी महासंघ (ब्रांड नाम सांची) ने रविवार को राजधानी भोपाल में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के बाद प्रदेश में सहकारी दुग्ध समितियों की संख्या 6,000 से बढ़ाकर 9,000 करने की योजना है। ऐसा करने से बड़ी संख्या में खुले बाजार में दूध बेचने वाले पशुपालक समितियों को दूध बेचकर सही मूल्य पा सकेंगे।
सरकार की योजना प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को वर्तमान 5.50 करोड़ लीटर रोजाना से बढ़ाकर 5 साल में दोगुना करने की है। मध्य प्रदेश इस समय उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद देश में तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक प्रदेश है।
कार्यक्रम में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के साथ अनेक अधिकारी मौजूद रहे। मध्य प्रदेश दुग्ध संघ और एनडीडीबी के बीच एमओयू तहत एनडीडीबी प्रदेश के छह दुग्ध संघों का अधिग्रहण कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रयास करेगा। ये दुग्ध संघ हैं- भोपाल सहकारी दुग्ध संघ, इंदौर सहकारी दुग्ध संघ, उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ, ग्वालियर सहकारी दुग्ध संघ, जबलपुर सहकारी दुग्ध संघ और बुंदेलखंड सहकारी दुग्ध संघ।
बरकरार रहेगा सांची ब्रांड
प्रदेश के पशुपालन और डेरी राज्य मंत्री लखन पटेल ने बताया कि सांची और एनडीडीबी के बीच अनुबंध के बावजूद न तो सांची का ब्रांड नेम परिवर्तित होगा और न ही लोगो में बदलाव किया जाएगा। परंतु प्रदेश के सहकारी दूध संघों के संचालन का काम अब एनडीडीबी संभालेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश में सहकारी समितियां जल्दी ही पेट्रोल पंपों के संचालन और रसोई गैस के वितरण का काम भी संभालेंगी। शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश के सहकारिता क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता राज्य का विषय है और भारत सरकार राज्य सूची में कोई परिवर्तन नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय द्वारा बनाए गए मॉडल बायलॉज को सभी राज्यों ने अपनाया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संवाददाताओं से कहा था, ‘राष्ट्रीय दुग्ध उत्पादन में मध्य प्रदेश का योगदान करीब 9 प्रतिशत है। हमारी सरकार ने इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की दिशा में काम करने का फैसला किया है। हम 14 अप्रैल को डॉ. बी.आर. आंबेडकर की जयंती के अवसर पर उनके नाम पर एक नई योजना शुरू कर रहे हैं। इसका उद्देश्य गायों का संरक्षण, दूध का उत्पादन क्षमता बढ़ाना और किसानों की आय बढ़ाना है।‘
सुशासन का ‘सेवा सेतु’: नेतानार के फूलसिंह और रामबती को आवेदन के दिन ही मिला विवाह प्रमाण पत्र
डिजिटल क्रांति से जगमगाया अबूझमाड़
बाहरी आडंबरों से अलग है दादाजी धूनीवाले धाम, जहां आध्यात्मिक शक्ति का होता है अनुभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से समय पर उपचार ने बचाई 4 वर्षीय मासूम की जान
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से दिव्यांग समझराम साहू को मिली बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल
निशातपुरा रेलवे स्टेशन से भोपाल के विकास को मिलेगी नई रफ्तार : मंत्री सारंग
जौहर यूनिवर्सिटी पर फिलहाल नहीं चलेगा बुलडोजर, DM के आदेश पर लगी रोक
पेपर लीक मुद्दे पर पिघली बर्फ, सरकार और विपक्ष में बनी सहमति; कल सदन में हो सकती है चर्चा
'पंजाब को शिक्षा में नंबर 1 बनाया', केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला, पेपर लीक पर भी दिया जवाब