राजधानी में गंभीर पेयजल का संकट, प्रशासन ने लिया ये बड़ा फैसला
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अभी से ही तेज गर्मी पड़ने लगी है। भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। इससे राजधानी में पेयजल का गंभीर संकट पैदा होने की आशंका बढ़ रही है। सोमवार को हुई बैठक में भोपाल जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों यानी एसडीएम ने कहा कि भूजल स्तर में तेजी से गिरावट के कारण निकट भविष्य में पेयजल की समस्या होगी। कलेक्टर ने भोपाल में ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी। राजधानी में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। अधिकारियों की बैठक के बाद जिला प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। फैसले के मुताबिक, 30 जून तक राजधानी भोपाल में कोई भी व्यक्ति ट्यूबवेल नहीं खोद सकेगा।
बोरिंग मशीनों के प्रवेश पर भी रोक
मध्य प्रदेश पेयजल संरक्षण अधिनियम के तहत भोपाल जिले में निजी ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी गई है। एसडीएम की मंजूरी के बिना जिले भर में बोरिंग मशीनों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
निजी नलकूपों पर रोक
कलेक्टर ने केवल निजी नलकूपों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है, यह सरकारी योजनाओं पर लागू नहीं होगा। पीएचई विभाग नलकूप खुदवा सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके तहत 2000 रुपए जुर्माना या 2 साल की सजा या दोनों सजाएं हो सकती हैं।
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल