लक्जरी कारों के शौकीन हैं शुभमन
भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज शुभमन गिल आजकल आईपीएल में गुजरात किंग्स की कप्तानी कर रहे हैं। शुभमन ने भारतीय टीम में आने के बाद तेजी से सफलता की सीडियां चढ़ी हैं। शुभमन अपनी शानदार बल्लेबाज के साथ ही आलिशान जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। वह तेज रफ्तार वाली लक्जरी कारों के भी शौकीन हैं। इसी कारण उनके पास एक से बढ़कर एक कारें हैं। इस बल्लेबाज ने हाल में ही एक और लग्ज री कार रेंज रोवर वेलार खरीदी है जिससे अब उनके कलेक्शलन में एक और कार जुड़ गयी है। इस नई रेंज रोवर वेलार की कीमत तकरीबन 80 लाख रुपये है। इसमें एक मजबूत 2.0-लीटर टर्बोचार्ज्ड फोर-सिलेंडर इंजन है, जो लगभग 247 हॉर्सपावर की प्रभावशाली शक्ति उत्पन्न करता है। यह एसयूवी आराम और प्रदर्शन का एक संतुलित मिश्रण प्रदान करती है, जो इसे शहर की ड्राइव और लंबी यात्राओं दोनों के लिए एक आदर्श वाहन बनाती है।
शुभमन को कई बार उनकी मर्सिडीज-बेंज ई 350 में देखा गया है, जिसकी कीमत लगभग 90 लाख से 93 लाख रुपये के बीच है। इस अल्ट्रा-लग्जजरी कार में 3.0-लीटर वी 6 इंजन है, जो अधिकतम 255 हॉर्सपावर की ताकत और 370 एनएम का पीक टॉर्क उत्पन्न करता है। यह लग्जमरी कार अपने स्थिर ड्राइविंग अनुभव, प्रीमियम फीचर्स और विशाल केबिन के लिए जानी जाती है। इसे अलावा उनके पास महिंद्रा थार भी है जो उन्हें कंपनी के मालिक आनंद महिंद्रा ने शानदार प्रदर्शन के लिए उपहार में दी थी। 2.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन और 2.2-लीटर टर्बो डीजल इंजन वाली इस कार की कीमत 10.55 लाख रुपये से 16.78 लाख रुपये है।
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल