रवींद्र पुरी का बड़ा आरोप, महाकुंभ भगदड़ में कच्छा-बनियान गैंग का हाथ हो सकता है
महाकुंभ में भगदड़ के 8 दिन बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने बड़ा दावा किया है. रवींद्र पुरी का कहना है कि भगदड़ के पीछे कच्छा-बनियान गैंग हो सकता है. पुरी का यह दावा तब सामने आया है, जब यूपी पुलिस साजिश एंगल से भगदड़ की जांच कर रही है. महाकुंभ में मौनी अमावस्या को मचे भगदड़ में आधिकारिक तौर पर 30 लोगों की मौत हो गई थी. कच्छा-बनियान गैंग की धमक पहली बार 1990 के दशक में सुनाई दी थी. उस वक्त गैंग के लोगों ने दिल्ली में तहलका मचा दिया था.
90 के दशक में दिल्ली में गैंग का खौफ
1990 के दशक में कच्छा-बनियान गैंग का खौफ राष्ट्रीय राजधानी में था. गैंग के लोग दिल्ली के पॉश इलाके में रेकी कर लूट करते थे. इस दौरान कई मौकों पर गैंग के लोगों ने गृह स्वामी की हत्या भी की. गैंग को लेकर जब खुलासा हुआ, तो उस वक्त पूरे देश में सनसनी मच गई थी. नीरज के मुताबिक गैंग के लोग सुबह भिखारी या दूसरा भेष धर घरों की रेकी करता था और फिर लूट की इरादे से देर रात को घर में घुसता था. गैंग के अधिकांश सदस्य बनियान और कच्छा में ही रहते थे. लूट के बाद गैंग के सदस्य आसपास के इलाकों में ही सक्रिय रहते थे. कच्छा-बनियान गैंग को लेकर साल 2022 में भी आया था. दिलचस्प बात है कि कच्छा-बनियान गैंग का कोई एक संगठन न तब था और न ही अब है.
मारने के लिए दरांती रखते हैं गैंग के सदस्य
दिल्ली में जब कच्छा-बनियान गैंग का खौफ था, तब नीरज कुमार दिल्ली के डीएसपी थे. उन्होंने ही इस गैंग के बारे में पहली बार खुलासा किया था. नीरज के मुताबिक गैंग के लोग अपने साथ लोहे का एक हथियार रखते थे, जिसे दरांती कहा जाता था. इसका उपयोग गैंग के लोग ताला तोड़ने और मारपीट में करता था. गैंग के सदस्य जिस राज्य या जिले में अपराध करते थे, उसके बॉर्डर पर ही रहते थे. ताकि भागने में आसानी हो. गैंग का नेटवर्क और रेकी की प्रक्रिया काफी मजबूत होती थी. गैंग के लोग उन्हीं घरों में डकैती डालते थे, जहां पैसा या सोना रखा होता था. 1990 के दशक में पुलिसिया दबिश के बाद इस गैंग के लोग शांत पड़ गए, लेकिन 2016 के आसपास इस गैंग के फिर से एक्टिव होने की खबरें मीडिया में आई.
8 राज्यों में एक्टिव, जयपुर में वीडियो आया था
कच्छा-बनियान गैंग के 8 राज्यों में एक्टिव होने की खबर है. जुलाई 2023 में इस गैंग को लेकर एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया था. इस वीडियो में गैंग के लोग मूव कर रहे थे. जून 2023 में ही यूपी की गाजीपुर पुलिस ने कच्छा-बनियान गैंग के 13 लोगों को गिरफ्तार किया था. कच्छा-बनियान गैंग गुजरात, राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा जैसे राज्यों में एक्टिव है. हालांकि, वर्तमान में यह गैंग इतना खौफनाक नहीं है, जितना 1990 के दशक में था. इस गैंग के लोगों पर अब सिर्फ चोरी और लूट के आरोप लगते हैं. जनवरी 2024 में भोपाल से इस गैंग के एक सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. वहीं बिहार के मोतिहारी में साल 2023 में इस गैंग के लोगों ने उत्पात मचाया था.
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