महिलाओं के खिलाफ अपराध देश में सबसे ज्यादा, दिल्ली में 144.4 की दर, जबकि छत्तीसगढ़ में सबसे कम
रायपुर: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा उपलब्ध रिपोर्ट बताती है कि देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़े हैं। वर्ष 2022 में कुल 4,45,256 मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़े 2021 और 2020 की तुलना में गंभीर वृद्धि दर्शाते हैं। देश में 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों (प्रति एक लाख जनसंख्या पर अपराधों की संख्या) की औसत दर 66.4 रही, जबकि आरोप पत्र दाखिल करने की दर 75.8 रही। महिलाओं के खिलाफ अपराधों की सबसे अधिक दर 144.4 दिल्ली में दर्ज की गई, जबकि सबसे अधिक 65,743 एफआईआर उत्तर प्रदेश में दर्ज की गईं। छत्तीसगढ़ की दर औसत से थोड़ी कम 58.2 रही।
महिलाओं, युवतियों और नाबालिगों से जुड़े आपराधिक मामलों में प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। फास्ट ट्रैक कोर्ट होने चाहिए। ऐसे मामलों की गंभीरता और सूक्ष्मता से जांच होनी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। पुलिस थानों की सीमा पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। हालांकि, नए कानून में कई प्रावधान हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों से सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार होना चाहिए।
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