कूनो नेशनल पार्क में बढ़ा कुनबा, CM मोहन यादव ने छोड़े दो मादा चीते
श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 'चीता प्रोजेक्ट' को आज एक और बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों में से दो मादा चीतों, 'सीसडी-2' और 'सीसीड़ी-3', को पिंजरे से आजाद कर खुले जंगल में छोड़ दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री ने पिंजरे के दरवाजे खोले, दोनों मादा चीतों ने फुर्ती के साथ प्राकृतिक रहवास की ओर दौड़ लगा दी। इस ऐतिहासिक पल के दौरान प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, रामनिवास रावत और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित वन विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।
पीएम मोदी का विजन और एमपी की नई पहचान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत शुरू हुआ ‘प्रोजेक्ट चीता’ अब वैश्विक स्तर पर संरक्षण की मिसाल बन चुका है। उन्होंने गर्व से कहा कि मध्य प्रदेश की धरती ने इन विदेशी मेहमानों को पूरी तरह अपना लिया है। अब प्रदेश को केवल 'टाइगर स्टेट' ही नहीं, बल्कि "चीता स्टेट" के रूप में भी पूरी दुनिया में नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग और मेडिकल टीम की मेहनत की सराहना करते हुए इसे जैव विविधता की बड़ी जीत बताया।
देश में चीतों का कुनबा बढ़कर हुआ 57
मुख्यमंत्री ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से आए चीते भारतीय जलवायु में अच्छी तरह ढल चुके हैं। वर्तमान में भारत में कुल चीतों की संख्या 57 तक पहुंच गई है। इनमें से 54 चीते श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में और 3 चीते गांधी सागर अभ्यारण्य में स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। चीतों का यह बढ़ता दायरा अब राजस्थान की सीमाओं और चंबल अंचल के अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है।
बोत्सवाना के चीतों से बढ़ेगी जेनेटिक विविधता
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 9 नए चीते (6 मादा और 3 नर) लाए गए थे। क्वारंटीन की अवधि और स्थानीय वातावरण के अनुकूल होने के बाद अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से खुले जंगल में छोड़ा जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना से आए इन चीतों के कारण कूनो में जेनेटिक विविधता (आनुवंशिक विविधता) बढ़ेगी, जिससे भविष्य में चीतों की एक स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में बड़ी मदद मिलेगी।
सी-डैक में नौकरी के अवसर
इबर अपराध बढ़ने से एथिकल हैकर की मांग बढ़ी
ए आई के ये कोर्स कर संवारें करियर
विश्व की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल हैं युपीएससी, जेईई
भोपाल को मिलेगा ‘सिलेंडर फ्री’ मॉडल, चार बड़ी कॉलोनियों में PNG नेटवर्क विस्तार
इंजीनियरिंग डिग्री बीई और बीटेक का अंतर और महत्व
इंग्लैंड टीम में भूचाल, स्टोक्स-एटकिंसन का पत्ता साफ; जो रूट बने कप्तान
गौतम गंभीर की योजनाओं में Ro-Ko का कितना प्रभाव? क्रिकेट गलियारों में चर्चा तेज
खजराना गणेश मंदिर में बड़ा बदलाव, कॉलेज रिपोर्ट के बाद मास्टर प्लान हुआ सार्वजनिक
लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: जॉइंट डायरेक्टर के ठिकानों पर छापा, आय से 300 गुना संपत्ति मिली